बीड में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी

40 से 50 लोग थे सवार; एक बच्चा लापता, तलाश जारी

बीड /दि.10-रखा है। कई बार मांग करने और आंदोलन करने के बावजूद न तो फैक्ट्री प्रबंधन ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही प्रशासन ने उनकी समस्या का समाधान किया।
किसानों ने पहले ही की चेतावनी दी थी। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और तालाब के आसपास बैरिकेड्स लगाए गए थे। लेकिन बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने बैरिकेड्स हटाकर सीधे तालाब की ओर दौड़ लगा दी और पानी में उतर गए। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचना पड़ा। कई अधिकारी स्वयं तालाब में उतरकर किसानों को बाहर आने और आंदोलन समाप्त करने के लिए मनाने का प्रयास करते रहे।
* 17 दिनों से जारी है आंदोलन
बता दे कि, दक्षिण सोलापुर तहसील के धोत्रा स्थित गोकुल शुगर फैक्ट्री के खिलाफ किसान पिछले 17 दिनों से धरना और अनशन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि गन्ना आपूर्ति के बावजूद उन्हें उनका वैधानिक भुगतान नहीं मिला है। आंदोलन के दौरान किसानों ने पिछले सप्ताह अर्धनग्न प्रदर्शन भी किया था, लेकिन इसके बावजूद उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का आरोप है कि प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन दोनों उनकी समस्याओं के प्रति उदासीन बने हुए हैं।
* क्या हम भीख मांग रहे हैं?
आंदोलनकारी किसानों ने सवाल उठाया कि वे किसी प्रकार की सहायता नहीं, बल्कि अपनी मेहनत का बकाया पैसा मांग रहे हैं। किसानों का कहना है कि गन्ना बेचने के बाद भी भुगतान के लिए उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
* सोलापुर और धाराशिव के किसान प्रभावित
बताया जा रहा है कि गोकुल शुगर फैक्ट्री पर सोलापुर और धाराशिव जिलों के अनेक किसानों का भुगतान बकाया है। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं मिलने से खेती, कर्ज चुकाने और आगामी कृषि कार्यों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
फिलहाल प्रशासन किसानों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर रहा है। हालांकि किसानों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जब तक बकाया भुगतान को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी

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