स्कूल आने-जाने के लिए विद्यार्थियों को मिलेगा परिवहन भत्ता

दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बड़ी राहत

अमरावती /दि.11- शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2011 के प्रावधानों के तहत महाराष्ट्र सरकार ने दूरस्थ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. जिन विद्यार्थियों के घर के समीप स्कूल उपलब्ध नहीं है, उन्हें स्कूल आने-जाने के लिए परिवहन भत्ता प्रदान किया जाएगा. इस योजना का उद्देश्य बच्चों की शिक्षा में आने वाली दूरी संबंधी बाधाओं को दूर करना और विद्यालय छोड़ने की बढ़ती समस्या पर अंकुश लगाना है.
राज्य के दुर्गम, पहाड़ी एवं भौगोलिक दृष्टि से कठिन क्षेत्रों में रहने वाले अनेक विद्यार्थी केवल स्कूल दूर होने के कारण नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते. कई गरीब परिवारों के बच्चे लंबी दूरी तय करने की परेशानी के कारण बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं. ऐसे विद्यार्थियों के लिए सरकार की यह योजना राहत लेकर आई है. परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से बच्चों का समय और श्रम बचेगा तथा उनकी विद्यालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा कक्षा पहली से दसवीं तक के उन विद्यार्थियों को दी जाएगी, जिनके निवास स्थान के निर्धारित दायरे में स्कूल उपलब्ध नहीं है. योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को परिवहन भत्ता सीधे उनके बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से जमा किया जाएगा.
* दूरी के आधार पर पात्रता
– कक्षा 1 से 5 तक: यदि बस्ती से 1 किलोमीटर के भीतर स्कूल उपलब्ध नहीं है.
– कक्षा 6 से 8 तक: यदि बस्ती से 3 किलोमीटर के भीतर स्कूल उपलब्ध नहीं है.
– कक्षा 9 एवं 10 तक: यदि बस्ती से 5 किलोमीटर के भीतर स्कूल उपलब्ध नहीं है.
* मेलघाट के विद्यार्थियों को होगा विशेष लाभ
अमरावती जिले के मेलघाट सहित अन्य दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इस योजना का विशेष लाभ मिलने की संभावना है. इन क्षेत्रों में स्कूलों की दूरी और आवागमन की कठिनाइयों के कारण कई बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं. परिवहन भत्ता मिलने से विद्यार्थियों को विद्यालय तक पहुंचना आसान होगा और स्कूल छोड़ने की दर में कमी आने की उम्मीद है.
* डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में राशि
योजना के अंतर्गत स्वीकृत परिवहन भत्ता लाभार्थी विद्यार्थियों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी प्रणाली के माध्यम से जमा किया जाएगा. इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त होगी.
* किन क्षेत्रों में लागू होगी योजना
यह योजना राज्य सरकार अथवा स्थानीय निकायों द्वारा निर्धारित छोटी एवं दूरस्थ बस्तियों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए लागू की गई है. राज्य शिक्षा विभाग ने पात्र बस्तियों की सूची भी जारी कर दी है. निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह निर्णय ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. इससे विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और शिक्षा का अधिकार वास्तव में हर बच्चे तक पहुंच सकेगा.

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