… वर्ना आमरण अनशन करेंगे पार्षद अनिल अग्रवाल

मनपा प्रशासन को दी स्पष्ट व सख्त चेतावनी

* पूर्व आयुक्त आष्टीकर के भ्रष्ट कांडों की जांच हेतु समिति गठित करने का उठाया मुद्दा
* अप्रैल माह की आमसभा में समिति गठित करने का हुआ था निर्णय
* 50 दिन का समय बीत जाने के बावजूद मनपा में जांच समिति के गठन को लेकर कोई गतिविधि नहीं
* पार्षद अनिल अग्रवाल ने मनपा को दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम,
* अन्यथा मनपा मुख्यालय में आमरण अनशन करने की बात कही
अमरावती / दि. 11- अमरावती महानगरपालिका के पूर्व आयुक्त डॉ. प्रवीण अष्टीकर के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए आमसभा द्वारा पारित प्रस्ताव के बावजूद अब तक जांच समिति का गठन नहीं होने पर विवाद गहराने लगा है. इस मुद्दे को लेकर अमरावती महानगरपालिका में कांग्रेस की ओर से स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल ने महापौर श्रीचंद तेजवानी को ज्ञापन सौंपते हुए इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है. साथ ही तत्कालीन आयुक्त व प्रशासक प्रवीण आष्टीकर द्बारा किए गये भ्रष्टाचारों की जांच करने हेतु अगले 15 दिनों के भीतर समिति का गठन नहीं होने पर महानगरपालिका परिसर में भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है.
पार्षद अनिल अग्रवाल द्बारा महापौर तेजवानी के नाम सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि 20 अप्रैल 2026 को आयोजित अमरावती महानगरपालिका की आमसभा में तत्कालीन आयुक्त डॉ. प्रवीण अष्टीकर के कार्यकाल के दौरान हुए विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था. आमसभा के दौरान नगरसेवकों ने निर्माण कार्यों, शहरी नियोजन विभाग की प्रक्रियाओं, विकास शुल्क वसूली, दलित बस्ती सुधार योजनाओं, महानगरपालिका निधि के उपयोग, ऑफलाइन निविदा प्रक्रिया तथा जियो टैगिंग के माध्यम से किए गए लगभग 100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप उठाए थे. इस पर विस्तृत चर्चा के बाद निष्पक्ष जांच कराने की मांग को सभी पक्षों का समर्थन प्राप्त हुआ था. बैठक में आमसभा के अध्यक्ष तथा महापौर श्रीचंद तेजवानी द्वारा प्रशासन को जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही यह भी सुझाव दिया गया था कि समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित मामलों में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए. परंतु उक्त आमसभा के निर्णय को 50 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जांच समिति का गठन नहीं किया गया है. इससे मनपा प्रशासन की कार्यशैली तथा आमसभा के निर्णयों के क्रियान्वयन को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं.
उपरोक्त प्रतिपादन के साथ ही पार्षद अनिल अग्रवाल द्बारा महापौर श्रीचंद तेजवानी के ध्यान में यह बात भी लायी गई कि ज्ञापन में कहा गया है कि महानगरपालिका के सर्वोच्च सदन द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय को लागू नहीं किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को कमजोर करने वाला कदम माना जा रहा है. ऐसे में महापौर तेजवानी को चाहिए कि वे इस विषय पर अपनी स्पष्ट भूमिका सार्वजनिक करें. साथ ही पूर्व आयुक्त डॉ. प्रवीण आष्टीकर द्बारा किए गये भ्रष्टाचारों की जांच करने हेतु सेवा निवृत्त न्यायमूर्ति की अध्यक्षता के तहत जांच समिति के गठन की प्रक्रिया तत्काल शुरू कराएं, ताकि कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सके और नागरिकों के समक्ष वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके.
इसके साथ ही पार्षद अनिल अग्रवाल द्बारा महापौर श्रीचंद तेजवानी को अपने ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर जांच समिति का गठन नहीं किया गया तो वे खुद महानगरपालिका मुख्यालय परिसर में भूख हड़ताल आंदोलन शुरू करेंगे. ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी महानगरपालिका प्रशासन और सत्ताधारी व्यवस्था की होगी. पार्षद अनिल अग्रवाल द्बारा महापौर तेजवानी को ज्ञापन सौंपते समय शहर कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी जीतेन्द्र वाघ, सुरेश रतावा एवं मनोज भेले भी उपस्थित थे.

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