किरीट सोमैया को लेकर मनपा में अब भी बनी हुई है जबर्दस्त तनातनी
सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच चल रहे जबर्दस्त आरोप-प्रत्यारोप

* भाजपा ने विपक्ष पर लगाया तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप
* सेना उबाठा व एमआयएम ने सत्तापक्ष की कार्यक्षमता पर उठाए सवालस
अमरावती/दि.12 – विगत लंबे समय से निलंबित जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र मामलों में बडे पैमाने पर गडबडिया होने के मामले उजागर करते हुए ऐसे मामलों में कार्रवाई हेतु स्थानीय प्रशासन सहित पुलिस पर दबाव बना रहे भाजपा नेता व पूर्व सांसद किरीट सोमैया कल एक बार फिर इसी मुद्दे को लेकर अमरावती आए थे तथा उन्होंने मनपा मुख्यालय पहुंचकर महापौर श्रीचंद तेजवानी व मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा से मुलाकात की. परंतु गत रोज मनपा परिसर में पूर्व सांसद किरीट सोमैया को सेना उबाठा व एमआयएम पार्षदों की ओर से जबर्दस्त विरोध का सामना करना पडा. उस समय स्थिति इतनी अधिक तनावपूर्ण हो गई थी कि हमेशा ही जेड प्लस सिक्यूरिटी में रहनेवाले किरीट सोमैया की सुरक्षा के लिए पुलिस का अतिरिक्त बंदोबस्त भी तैनात करना पडा था और उन्हें बुलेटप्रुफ जैकेट पहनाकर कार से नीचे उतारते हुए मनपा की प्रशासकीय इमारत में ले जाया गया. इस पूरे मामले को लेकर अब स्थानीय स्तर पर अच्छी खासी राजनीतिक तनातनी वाली स्थिति बनी हुई है तथा सत्तापक्ष एवं विपक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर जबर्दस्त ढंग से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है.
जहां एक ओर मनपा की सत्ता में रहनेवाली भाजपा के स्थानीय नेताओं व पदाधिकारियों द्बारा किरीट सोमैया के दौरे का विरोध कर रहे विपक्षी पार्षदों पर तुष्टीकरण़ की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि किरीट सोमैया ने ही विलंबित जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्रों में बडे पैमाने पर गडबडियां रहने की बात उजागर की थी. जिनके द्बारा किए गये प्रयासों के चलते कई लोगों के खिलाफ फौजदारी मामले भी दर्ज हुए. ऐसे लोगों में अलग-अलग समाजों व समुदायों से वास्ता रखनेवाले नागरिकों सहित प्रशासन से जुडे कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों का भी समावेश रहा. ऐसे में इस मुहीम को किसी विशिष्ट समुदाय या समाज के खिलाफ नहीं कहा जा सकता. लेकिन इसके बावजूद सेना उबाठा व एमआयएम जैसे दलों द्बारा इस मुहीम को समुदाय विशेष के खिलाफ बताते हुए इस मुद्दे पर राजनीतिक की जा रही है.
वहीं दूसरी ओर इस पूरे मामले को लेकर सेना उबाठा व एमआयएम के पदाधिकारियों का कहना रहा कि किरीट सोमैया एक विशिष्ट एजेंडा लेकर बार-बार अमरावती आते हैं और हर बार अमरावती शहर के शांतिपूर्ण व सामाजिक सोहार्दवाले वातावरण को बिगाडने का काम करते है. दोनों पार्टियों के पार्षदों एवं पदाधिकारियों का यह भी कहना रहा कि आज केन्द्र व राज्य सहित अमरावती महानगरपालिका में भी भाजपा की सत्ता है. इसके बावजूद भाजपा के ही एक नेता व पूर्व सांसद रहनेवाले किरीट सोमैया द्बारा बार-बार अमरावती आकर फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों के बारे में आरोप लगाए जाते हैं. जिसका सीधा मतलब है कि भाजपा की सत्ता के दौरान अमरावती मनपा में कामकाज सही ढंग से नहीं हो रहा और सत्तापक्ष की प्रशासन पर कोई पकड नहीं है. इसके साथ ही दोनों पार्टियों के पार्षदों व पदाधिकारियों ने इस बात की ओर भी ध्यान दिलाया कि किरीट सोमैया द्बारा इससे पहले लगाए गये आरोप भी झूठे व गलत साबित हुए है, क्योंकि एसआईटी की जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि अमरावती में कोई भी बांग्लादेशी, पाकिस्तानी अथवा रोहिंग्या व्यक्ति या परिवार अवैध रूप से नहीं रह रहा. साथ ही ऐसे किसी व्यक्ति या परिवार के नाम पर कोई जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी नहीं है. ऐसे में यह भी कहा जा सकता है कि किरीट सोमैया द्बारा मचाए जानेवाले होहल्ले की वजह से आम अमरावतीवासियों को जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र मिलने में तकलीफो व दिक्कतों का सामना करना पड रहा है. साथ ही हर कोई एक दूसरे को संदेश की दृष्टि से देख रहा है.

* कोई बैठक नहीं थी, चर्चा के लिए आए थे सोमैया
इस संदर्भ में दैनिक अमरावती मंडल को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए महापौर श्रीचंद तेजवानी ने कहा कि अमरावती शहर में फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों का मामला फरवरी 2025 के आसपास से चल रहा है और इस मामले को भाजपा नेता व पूर्व सांसद किरीट सोमैया द्बारा ही उठाया गया था. जिसके चलते पूर्व सांसद किरीट सोमैया गत रोज इस बारे में कुछ अपडेट्स को लेकर चर्चा करने हेतु मनपा आयुक्त से मिलने पहुंचे थे. यह एक सामान्य प्रक्रिया थी और मनपा में कोई राजनीतिक बैठक नहीं होनेवाली थी. जिसके चलते कुछ विपक्षी पार्षदों द्बारा किए गये विरोध को समझ से परे कहा जा सकता है. साथ ही महापौर तेजवानी ने यह भी कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों में गडबडी करनेवाले अधिकारियों व कर्मचारियों की जबाबदेही निश्चित करने के साथ ही संबंधितों के खिलाफ जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जायेंगे.

विपक्ष का विरोध केवल विरोध के लिए
मनपा के सभागृह नेता चेतन गावंडे के मुताबिक जन्म प्रमाणपत्रों के मामले में हुई गडबडियों को दूर करने से संबंधित मुद्दे का विपक्षी पार्षदों द्बारा किया जा रहा विरोध समझ से परे हैं. अगर किसी काम में कहीं कोई गडबडी या गलती हुई है, तो उसे दुरूस्त करने में कोई हर्ज नहीं है. लेकिन इस बात का भी विपक्ष द्बारा विरोध किया जा रहा है. जिसके चलते कहा जा सकता है कि यह केवल विरोध करने के लिए विरोध है. साथ ही सभागृह नेता गावंडे ने यह भी कहा कि फर्जी जन्म-मृत्यु मामले में किरीट सोमैया ने ही सबसे पहले शिकायत दर्ज कराई थी और वे गत रोज अपने द्बारा दर्ज शिकायत पर मनपा प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई का फालोअप लेने मनपा मुख्यालय में आए थे, जिसका कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए.

सत्ता रहने के बावजूद हो रही गडबडी, प्रशासन पर पकड नहीं
अमरावती मनपा में सेना उबाठा के गटनेता रहनेवाले संजय गव्हाले ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज अमरावती शहर से लेकर राज्य सहित देश में भाजपा की सत्ता है. लेकिन इसके बावजूद जन्म प्रमाणपत्र जैसे मामलों में गडबडी की शिकायत सामने आ रही है और कमाल की बात यह है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए किरीट सोमैया जैसे लोगों को बाहर से आना पड रहा है. जो अमरावती आकर यहां की शांति भंग करने का काम भी कर रहे है. ऐसे में सवाल पूछा जा सकता है कि अमरावती मनपा की सत्ता संभाल रहे भाजपा व महायुति के स्थानीय पदाधिकारी क्या कर रहे है.

बेवजह के मुद्दों को हवा देकर वातावरण खराब करने का प्रयास
इस पूरे मामले को लेकर अमरावती मनपा में एमआयएम के गुट नेता अ. हमीद अ. वहीद ने अपनी प्रतिक्रया देते हुए कहा कि भाजपा द्बारा किरीट सोमैया जैसे नेताओं को आगे करते हुए बेजवह के मुद्दों को तुल देने के साथ ही अमरावती शहर सहित जिले के वातावरण को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है. किरीट सोमैया ने इससे पहले अमरावती में बांगलादेशी व रोहिंग्या रहने को लेकर आरोप लगाए थे. लेकिन ऐसे पूरे आरोप बेबुनियाद साबित हुए है. जिसके चलते स्पष्ट है कि किरीट सोमैया द्बारा लगाए गये आरोपों में कोई तथ्य नहीं था. लेकिन उसके बावजूद मनपा प्रशासन द्बारा बार-बार किरीट सोमैया को मनपा में आने की अनुमति देेते हुए उनके साथ बैठक की जा रही है. जिसका कोई तुक नहीं है. हम इस मामले को लेकर कोई राजनीति नहीं कर रहे. लेकिन सोमैया की वजह से अमरावती शहर का माहौल खराब हो रहा है और जन्म प्रमाणपत्रों के अभाव की वजह से बच्चों के एडमिशन का काम रूका हुआ है. इस पर भी विचार किए जाने की जरूरत है.

* बैठक के लिए नहीं, चर्चा के लिए आए थे सोमैया
वहीं इस पूरे मामले को लेकर प्रतिक्रिया हेतु संपर्क किए जाने पर मनपा आयुक्त वर्ष लढ्ढा ने कहा कि वैसे तो इस मामले का आचार संहिता से कोई संबंध नहीं बनता, क्योंकि किरीट सोमैया इसी संवैधानिक या संगठनात्मक पद पर नहीं है. साथ ही कल वे किसी बैठक के लिहाज से नहीं आए थे. बल्कि उन्हें जन्म प्रमाणपत्र मुद्दे पर चर्चा करनी थी और आचार संहिता जारी रहने के दौरान भी मनपा के पदाधिकारियों सहित आम नागरिकों द्बारा किसी भी मुद्दे पर मनपा प्रशासन के साथ चर्चा की जा सकती है. इस मुद्दे को लेकर मचे राजनीतिक हंगामे की ओर ध्यान दिलाए जाने पर आयुक्त वर्षा लढ्ढा का कहना रहा कि उनका इस मामले को लेकर चल रहे राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप से कोई लेना देना नहीं है. बल्कि मनपा प्रशासन अपना काम बखूबी कर रहा है और हमने अपनी भूमिका पहले ही स्पष्ट कर दी थी कि किसी को भी कानून व व्यवस्था बिगाडने की अनुमति नहीं दी जायेगी.





