गौ-तस्कर गिरोह पर मकोका की बड़ी कार्रवाई, नागपुर पुलिस का कड़ा प्रहार
चार आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून लागू

* अवैध कारोबार में लंबे समय से सक्रिय था गिरोह, 29 गोवंशों को कराया गया मुक्त
नागपुर/ दि. 13- नागपुर पुलिस ने संगठित गोवंश तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली बार एक सक्रिय गोतस्कर गिरोह पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लागू किया है. पुलिस का मानना है कि यह गिरोह कई वर्षों से संगठित तरीके से गोवंश तस्करी, पशु क्रूरता और अवैध वध से जुड़े अपराधों में लिप्त था. मकोका लगाए जाने के बाद आरोपियों के लिए जमानत प्राप्त करना कठिन हो जाएगा तथा दोष सिद्ध होने पर उन्हें कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है.
पुलिस द्वारा मकोका के तहत कार्रवाई किए गए आरोपियों में मोहम्मद वकील कुरेशी (52), अब्दुल नवाब कुरेशी (48), शेख चांद मोहम्मद (46) तथा जावेद कुरेशी (30) शामिल हैं. जांच में सामने आया है कि इन सभी के खिलाफ पूर्व में भी गोवंश तस्करी, पशु क्रूरता, अवैध परिवहन और गोवंश वध से संबंधित कई मामले दर्ज हैं.
* गुप्त सूचना पर मारा गया था छापा
जानकारी के अनुसार धार्मिक पर्व की पृष्ठभूमि में तहसील पुलिस क्षेत्र में विशेष गश्त की जा रही थी. इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मोमिनपुरा क्षेत्र के अंसारनगर स्थित नूरानी मैदान में बड़ी संख्या में गोवंशों को अवैध रूप से रखा गया है. सूचना के आधार पर 18 मई को पुलिस ने छापा मारकर वहां से 29 गोवंशों को मुक्त कराया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौके पर पशुओं को अत्यंत अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया था. कई गोवंशों को रस्सियों से कसकर बांधा गया था तथा उन्हें पर्याप्त चारा-पानी भी नहीं दिया जा रहा था. पुलिस को आशंका थी कि इन पशुओं को अवैध वध के लिए तैयार किया जा रहा था. कार्रवाई के बाद सभी गोवंशों को सुरक्षित रूप से गोशाला भेज दिया गया.
* छह वर्षों से सक्रिय था गिरोह
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित गिरोह वर्ष 2020 से संगठित रूप से गोवंश तस्करी और उससे जुड़े अपराधों में सक्रिय था. आर्थिक लाभ के लिए लगातार अपराध करने और एक संगठित नेटवर्क के रूप में कार्य करने के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तहसील पुलिस ने मकोका लगाने का प्रस्ताव तैयार किया. पुलिस उपायुक्त राहुल मदने द्वारा भेजे गए प्रस्ताव का परीक्षण अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विनीता साहू ने किया. गिरोह के खिलाफ दर्ज 10 से अधिक गंभीर मामलों और उनके आपराधिक रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई.
* मकोका से बढ़ेंगी कानूनी मुश्किलें
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मकोका लागू होने के बाद आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी. इस कानून के तहत पुलिस को विस्तारित हिरासत का अधिकार प्राप्त होता है तथा संगठित अपराध सिद्ध होने पर कठोर दंड का प्रावधान भी है.
* भविष्य में भी जारी रहेंगी सख्त कार्रवाई
नागपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित पशु तस्करी, गोवंश तस्करी तथा पशु क्रूरता में शामिल गिरोहों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले संगठित अपराधियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी.





