अमरावती विधान परिषद के चुनाव में मतदान हेतु
हल्के गुलाबी रंग की रहेगी मतपत्रिका

* मतपत्रिका पर रहेंगे तीनों प्रत्याशियों के नाम दर्ज
* पहले स्थान पर रहेगा भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे का नाम
* दूसरे स्थान पर कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख एवं तीसरे स्थान पर वंचित प्रत्याशी डॉ. नीलेश विश्वकर्मा के रहेंगे नाम
अमरावती/दि.13 – आगामी 18 जून को अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र में विधान परिषद की सीट हेतु होने जा रहे चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग की ओर से तमाम तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. इसे लेकर मिली जानकारी के मुताबिक इस बार निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के चुनाव हेतु हल्के गुलाबी रंग की मतपत्रिका उपलब्ध कराई जायेगी. जिस पर विधान परिषद के चुनावी मैदान में रहनेवाले तीनों प्रत्याशियों के नाम दर्ज रहेंगे. जिसमें पहले स्थान पर भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे, दूसरे स्थान पर कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख तथा तीसरे स्थान पर वंचित बहुजन आघाडी के प्रत्याशी डॉ. नीलेश विश्वकर्मा के नाम दर्ज रहेंगे.
विशेष उल्लेखनीय है कि लोकसभा व विधानसभा के चुनावों की तरह विधान परिषद के चुनाव में प्रत्याशियों के नामोंं के सामने चुनाव चिन्ह नहीं रहता. साथ ही विधान परिषद के चुनाव में ईव्हीएम का प्रयोग भी नहीं किया जाता. बल्कि यह चुनाव मतपत्रिका के जरिए लिया जाता है तथा मतपत्रिका पर उम्मीदवार के नाम के सामने वोट दर्ज करने हेतु खाली जगह छोडी जाती है. जहां पर विशिष्ट रंग की स्याही वाले पेन से मतदाताओें को उम्मीदवारों के नाम के आगे पसंदक्रम लिखना होता है. जिसके चलते निकाय निवार्चन क्षेत्र में हल्के गुलाबी रंग वाली मतपत्रिका उपलब्ध कराई जा रही है. जिस पर अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र के तीनों उम्मीदवारों के नाम रहेंगे. जिनके सामने मतदाता सदस्यों को अंकों में अपने पसंदक्रम दर्शानी होगी.
* खास रंग के पेन से ही दर्ज करना होगा वोट
– अन्य पेन से मतदान किया तो वोट होगा अवैध
– मतदाताओं को लिखना होगा ‘1’ का अंक
इस चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि मतदान के लिए चुनाव आयोग द्वारा उपलब्ध कराया गया विशेष बैंगनी (जामुनी) रंग का स्केच पेन ही मान्य होगा. मतदाता यदि किसी अन्य रंग के पेन, बॉल पेन, पेंसिल या अन्य लेखन सामग्री का उपयोग करता है तो उसका मत अवैध माना जा सकता है. यहां तक कि अंगूठे का निशान लगाकर मतदान करने का प्रयास भी स्वीकार नहीं किया जाएगा. मतदाता को सबसे पहले अपने पसंदीदा उम्मीदवार के नाम के सामने ‘1’ अंक लिखना अनिवार्य रहेगा. यदि वह अन्य उम्मीदवारों को भी वरीयता देना चाहता है, तो क्रमशः 2, 3, 4 आदि अंक लिख सकता है. यह चुनाव वरीयता क्रम के आधार पर संपन्न होगा.
* इन गलतियों से वोट हो जाएगा निरस्त
निर्वाचन आयोग के अनुसार निम्न परिस्थितियों में मतपत्र अमान्य घोषित किया जा सकता है, यदि प्रथम वरीयता के रूप में ‘1’ अंक नहीं लिखा गया हो. एक से अधिक उम्मीदवारों के सामने ‘1’ अंक अंकित किया गया हो. उम्मीदवारों के नामों के बीच अंक लिखा गया हो. वरीयता अंक के स्थान पर शब्दों का उपयोग किया गया हो. उम्मीदवार के नाम के सामने कोई विशेष निशान, चिह्न या संकेत लगाया गया हो. मतदान की गोपनीयता प्रभावित करने वाला कोई संकेत मतपत्र पर दर्ज किया गया हो.
* 18 जून को मतदान, 22 जून को मतगणना
अमरावती स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के लिए 18 जून 2026 को मतदान होगा, जबकि 22 जून 2026 को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे. चुनाव में मतदाताओं की संख्या सीमित होने के बावजूद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और सभी दल अपने समर्थन आधार को मजबूत करने में जुटे हैं.





