कचरे से भरी गाड़ी लेकर मनपा पहुंच गए पार्षद

कोणार्क कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जोरदार हल्लाबोल

* शहर में सफाई व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप
* मानसून में बढ़ा गंदगी का संकट, आंदोलन की चेतावनी
अमरावती/दि.15 – शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था और जगह-जगह फैली गंदगी को लेकर युवा स्वाभिमान पार्टी (वाईएसपी) के पार्षदों ने सोमवार को अमरावती महानगरपालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. नाराज पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने प्रभागों से कचरा इकट्ठा कर ट्रक में भरकर सीधे मनपा कार्यालय पहुंचते हुए प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शन का नेतृत्व वार्ड क्रमांक 21 की पार्षद मीराताई कांबले और उनके बेटे सामाजिक कार्यकर्ता संदीप कांबले ने किया. उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद सफाई ठेकेदार कोणार्क कंपनी और मनपा प्रशासन शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने में पूरी तरह विफल रहे हैं
* प्रभागों में कचरे के ढेर, नहीं पहुंच रहीं कचरा गाड़ियां
वाईएसपी पार्षदों का आरोप है कि शहर के कई प्रभागों में दिनों से कचरा वाहन नहीं पहुंचे हैं, जिसके कारण सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर जमा हो गए हैं. विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 21 और 22 में स्थिति गंभीर बनी हुई है. पार्षदों ने कहा कि मानसून की शुरुआत के बावजूद नालियों की सफाई नहीं की गई है. कई जगह नालियां जाम हैं और कचरा कंटेनर पूरी तरह भर चुके हैं. इससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है.
* कोणार्क कंपनी और अधिकारियों की सांठगांठ का आरोप
पार्षदों ने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही कोणार्क कंपनी लगातार लापरवाही बरत रही है, लेकिन मनपा अधिकारी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे. उन्होंने कंपनी और प्रशासन के बीच सांठगांठ होने का भी आरोप लगाया. संदीप कांबले ने कहा कि बडनेरा और शहर के अन्य हिस्सों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं और प्रशासन केवल टैक्स वसूलने में व्यस्त है.
* नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ का आरोप
पार्षदों ने कहा कि शहर में नियमित फॉगिंग और दवा छिड़काव नहीं हो रहा है. सफाई कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही. ऐसे में बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. मीराताई कांबले ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो कोणार्क कंपनी और मनपा प्रशासन के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा.
* मनपा कार्यालय में मचा हड़कंप
प्रदर्शन के दौरान कचरे से भरा वाहन मनपा मुख्यालय परिसर में लाया गया, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया. कचरे से भरी गाड़ी को देखकर अधिकारियों को नागरिकों की नाराजगी का अंदाजा हुआ.
* दो-तीन दिन में समाधान का आश्वासन
प्रदर्शन के बाद मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा, अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से चर्चा की. अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि दो-तीन दिनों के भीतर संबंधित विभागों और ठेकेदार कंपनी के साथ बैठक कर समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा. इस आंदोलन में पार्षद महेश मूलचंदानी, अशोक पांडे, योगेश विजयकर, प्रियंका पाटणे और भूषण पाटणे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल रहे.

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