‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं के बीच सांसद संजय देशमुख बने चर्चा का केंद्र
मातोश्री की बैठक में अनुपस्थिति से अटकलें तेज

यवतमाल/दि.15 – शिवसेना उबाठा में संभावित टूट और कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं के बीच यवतमाल-वाशिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद संजय देशमुख एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं. पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में उनकी प्रत्यक्ष अनुपस्थिति और संपर्क न होने की खबरों ने राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है.
सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के कुछ सांसदों के शिंदे गुट में जाने की चर्चा पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में चल रही है. इसी पृष्ठभूमि में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई स्थित ‘मातोश्री’ में सांसदों की आपात बैठक बुलाई थी. बताया जा रहा है कि बैठक में केवल चार सांसद प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि अन्य सांसदों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया. सांसद संजय देशमुख के निजी सचिव का कहना है कि वह अपनी बेटी के विवाह समारोह में व्यस्त होने के कारण बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए थे. हालांकि, उनके वर्तमान ठिकाने को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं. राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि ठाकरे गुट के कुछ सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं. हालांकि, इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
संजय देशमुख के राजनीतिक सफर को लेकर भी चर्चा हो रही है. विभिन्न दलों में उनकी पूर्व राजनीतिक भूमिका को देखते हुए विपक्षी नेता और राजनीतिक विश्लेषक कई तरह के अनुमान लगा रहे हैं. हालांकि, सांसद देशमुख ने स्वयं इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. उधर, ठाकरे गुट की ओर से पार्टी में किसी प्रकार की टूट की संभावना से इनकार किया जा रहा है और पार्टी नेतृत्व ने एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया है. बावजूद इसके, आगामी दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित घटनाक्रमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. फिलहाल, सांसद संजय देशमुख के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाएं केवल राजनीतिक अटकलों तक सीमित हैं और किसी भी संभावित राजनीतिक निर्णय की आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है.





