शाहू महाराज से मिले मनोज जरांगे पाटील

कोल्हापुर गजट को मान्यता देने की मांग

कोल्हापुर/दि.15 – मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटील ने सोमवार को कोल्हापुर दौरे के दौरान पहले अंबाबाई मंदिर में दर्शन किए और उसके बाद नए राजवाड़ा में शाहू महाराज से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच मराठा आरक्षण, कोल्हापुर गजट और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई.
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जरांगे पाटील ने कहा कि कोल्हापुर गजट और उससे संबंधित ऐतिहासिक रिकॉर्ड मराठा समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि राजर्षि शाहू महाराज ने ही आरक्षण की नींव रखी थी और कोल्हापुर गजट में दर्ज नोंदियों को सरकार द्वारा मान्यता दी जानी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि शिंदे समिति को कोल्हापुर जिले में लगभग 1 लाख 40 हजार नोंदियां मिली हैं, लेकिन अब तक केवल 30 से 35 हजार लोगों को ही कुणबी प्रमाणपत्र दिए गए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि शेष पात्र लोगों को प्रमाणपत्र क्यों नहीं दिए जा रहे हैं.
जरांगे पाटील ने कहा कि यदि कोल्हापुर गजट को मान्यता दी जाती है तो अकेले कोल्हापुर जिले के लाखों मराठा समाज के लोगों को इसका लाभ मिल सकता है. उन्होंने उपसमिति के प्रमुख राधाकृष्ण विखे पाटील और संबंधित अधिकारियों से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की मांग की. उन्होंने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया कि कोल्हापुर जिले में उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आठ दिनों के भीतर पात्र लोगों को कुणबी प्रमाणपत्र वितरित किए जाएं.
जरांगे पाटील ने यह भी कहा कि मराठा और कुणबी समाज के लिए अलग-अलग मंत्रालय बनाए जाने चाहिए. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडल को बंद नहीं होने दिया जाएगा और समाज के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा. कर्जमाफी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने पश्चिम महाराष्ट्र के किसानों और नागरिकों से संघर्ष के लिए आगे आने का आह्वान किया. उनके अनुसार, विभिन्न सामाजिक और आर्थिक मांगों को लेकर जनता को संगठित होकर आवाज उठानी होगी. कोल्हापुर में हुई इस मुलाकात को मराठा आरक्षण आंदोलन और कुणबी प्रमाणपत्रों के मुद्दे पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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