अस्पतालों की बदहाली पर फूटा स्वास्थ्य विभाग का गुस्सा!
टूटी व्यवस्थाओं पर भड़के नोडल अधिकारी

* बोले – आखिर तीन साल से बाथरूम का दरवाजा क्यों नहीं बदला?
* पालकमंत्री बावनकुले की फटकार के बाद हरकत में स्वास्थ्य विभाग
* मुंबई से पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी ने खोली अमरावती के सरकारी अस्पतालों की पोल
अमरावती/दि.15 – जिले के सरकारी अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्था और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. स्वप्नील सांगले सोमवार को अमरावती पहुंचे और जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल (डफरीन) तथा सुपर स्पेशालिटी अस्पताल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पतालों की स्थिति देखकर डॉ. सांगले ने गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह कमजोर दिखाई देता है, जिसके कारण मरीजों को अपेक्षित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं.
* टूटे बाथरूम, गंदगी का अंबार और लचर प्रशासन पर सवाल
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में गंदगी, टूटे हुए शौचालय और बाथरूम के दरवाजे, खराब रखरखाव और अव्यवस्थित व्यवस्थाएं सामने आईं. डॉ. सांगले ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि एक बाथरूम का दरवाजा पिछले तीन वर्षों से टूटा हुआ है, लेकिन उसे अब तक ठीक नहीं कराया गया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अस्पतालों में अधिकारियों का कर्मचारियों पर कोई प्रभावी नियंत्रण दिखाई नहीं देता, जिसके कारण छोटी-छोटी समस्याएं भी वर्षों तक जस की तस बनी हुई हैं.
* 5 करोड़ का फंड मिला, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
डॉ. सांगले ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक सरकारी अस्पताल को रखरखाव और मरम्मत कार्यों के लिए पांच करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध कराई है. इसके बावजूद अमरावती के अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की दुर्दशा चिंताजनक है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब पर्याप्त निधि उपलब्ध है तो छोटे-मोटे मरम्मत कार्य भी समय पर क्यों नहीं किए गए. इस पर उन्होंने गहरी निराशा व्यक्त की.
* मेडिकल कॉलेज परियोजना में देरी पर भी जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान डॉ. सांगले ने डॉ. नंदकिशोर राउत के साथ बैठक भी की. उन्होंने कहा कि शासकीय मेडिकल कॉलेज का काम जल्द पूरा होना बेहद जरूरी है. उनके अनुसार, जब तक जिला अस्पताल और डफरीन अस्पताल का मेडिकल कॉलेज में पूर्ण हस्तांतरण नहीं होगा, तब तक नए डॉक्टरों का प्रशिक्षण और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना मुश्किल रहेगा.
* मुंबई में होगी उच्चस्तरीय बैठक
डॉ. सांगले ने कहा कि अमरावती के अस्पतालों की समस्याओं और मेडिकल कॉलेज से जुड़े मुद्दों को लेकर वे जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुंबई में बैठक करेंगे. इस दौरान अस्पतालों की अव्यवस्था दूर करने और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग के इस निरीक्षण के बाद अब जिले के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है. नागरिकों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का जल्द समाधान निकलेगा.





