इर्विन और डफरिन अस्पताल मिलने पर ही मेडिकल कॉलेज की मान्यता सुरक्षित रहेगी

मेडिकल कॉलेज के दल ने किया जिला महिला अस्पताल की नई इमारत का निरीक्षण

अमरावती /दि.17- शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध आवश्यक 430 बिस्तरों वाले शिक्षण अस्पताल की व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है. इसी संदर्भ में मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा गठित समिति ने सोमवार को अधिष्ठाता डॉ. नंदकिशोर राउत के मार्गदर्शन में जिला महिला अस्पताल की नई इमारत का निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. स्वप्निल सांगले भी उपस्थित थे. इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बीच अस्पताल हस्तांतरण और उपलब्ध सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई. शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय वर्तमान में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के दूसरे वर्ष में है और तीसरे वर्ष में प्रवेश की तैयारी कर रहा है. हालांकि, कॉलेज के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नियमों के अनुसार आवश्यक 430 बिस्तरों वाले संबद्ध शिक्षण अस्पताल की व्यवस्था अब तक पूरी नहीं हो पाई है. सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने जिला सामान्य अस्पताल को मेडिकल कॉलेज को सौंपने की तैयारी पूरी होने का दावा किया है. विभाग के अनुसार अस्पताल में कुल 511 बिस्तर उपलब्ध हैं.
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के अनुसार वास्तविक स्थिति अलग है. डीन डॉ. नंदकिशोर राउत के मुताबिक, अस्पताल में कागजों पर 511 बिस्तर दर्शाए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविक रूप से केवल लगभग 370 बिस्तर ही उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि एनएमसी के मानकों के अनुसार 430 बिस्तरों की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं हो रही है. ऐसे में केवल जिला सामान्य अस्पताल से काम नहीं चलेगा.
* इर्विन, डफरिन और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की मांग
डॉ. राउत ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज के सुचारु संचालन और भविष्य की मान्यता बनाए रखने के लिए इर्विन अस्पताल, डफरिन अस्पताल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध करना आवश्यक है. उनका कहना है कि जिला महिला अस्पताल के नई इमारत में स्थानांतरित होने के बाद ही इरविन और डफरिन अस्पताल की मौजूदा इमारतों और सुविधाओं का उपयोग मेडिकल कॉलेज के लिए किया जा सकेगा. तभी आवश्यक बिस्तरों की संख्या पूरी होगी और कॉलेज छचउ के नियमों का पालन कर पाएगा.
* निरीक्षण रिपोर्ट पर टिकी आगे की प्रक्रिया
मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा गठित समिति निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर रही है. रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग आगे की प्रक्रिया तय करेंगे. डॉ. राउत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की दीर्घकालिक मान्यता और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक अस्पताल सुविधाओं का शीघ्र हस्तांतरण किया जाना जरूरी है. अन्यथा भविष्य में मान्यता संबंधी चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं.

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