कैबिनेट के 6 बड़े फैसले

नगरसेवकों को राहत, नई ग्रामीण पेयजल नीति मंजूर

* नागपुर में हाई-एनर्जी मेडिकल प्रोजेक्ट को हरी झंडी
मुंबई/दि.16 – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीण पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार गारंटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. मंत्रिमंडल ने कुल छह अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनका प्रभाव राज्य के विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ेगा.
मंत्रिमंडल ने स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की आरक्षित सीटों से निर्वाचित नगरसेवकों, जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों को जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करने के लिए अतिरिक्त छह माह की अंतिम समयवृद्धि देने का निर्णय लिया है. इसके लिए मुंबई मनपा अधिनियम, महाराष्ट्र नगरपालिका अधिनियम तथा महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत एवं औद्योगिक नगरी अधिनियम में आवश्यक संशोधनों को मंजूरी दी गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट का स्थायी समाधान करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र ग्रामीण पेयजल नीति-2026 को मंजूरी दी है. नई नीति के तहत विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं का एकीकरण किया जाएगा और ग्रामीण नागरिकों को स्वच्छ, निर्जंतुकीकृत एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा. साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाएगी.
स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए नागपुर में हाई एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रॉन प्रोजेक्ट स्थापित करने को मंजूरी दी गई है. यह परियोजना मध्य भारत की पहली और महत्वपूर्ण चिकित्सा निदान परियोजना मानी जा रही है. इससे कैंसर सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों के निदान और उपचार में आधुनिक तकनीक का उपयोग संभव होगा तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी. इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग की ओर से महाराष्ट्र अनमैन्ड सिस्टम्स पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी गई है. इस नीति का उद्देश्य ड्रोन, रोबोटिक्स, स्वचालित कृषि उपकरणों तथा हवाई, समुद्री और भूमि आधारित आधुनिक तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है. इसके तहत अनुसंधान, नवाचार और कौशल प्रशिक्षण को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा. राज्य में भारत नेट कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संशोधित कार्यप्रणाली को मंजूरी दी गई है. इसके तहत महानेट डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक विशेष प्रयोजन कंपनी स्थापित की जाएगी, जो ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी और इंटरनेट सेवाओं के विस्तार का काम करेगी.
* रोजगार गारंटी कानून में संशोधन को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महाराष्ट्र रोजगार गारंटी अधिनियम, 1977 में आवश्यक संशोधन करने का निर्णय लिया है. इसके लिए संबंधित कानूनी प्रावधानों और अध्यादेश जारी करने को भी मंजूरी प्रदान की गई है. सरकार का मानना है कि इससे रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को नई गति मिलेगी. मंत्रिमंडल के इन फैसलों को स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, तकनीकी नवाचार और डिजिटल बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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