फसल संकट से परेशान किसानों की मांग
गांजा खेती और मोहफूल शराब बिक्री को मिले अनुमति

जरुड /दि.18 – लगातार फसल नुकसान, संतरे के कम दाम और खेती की बढ़ती लागत से परेशान संतरा उत्पादक किसानों ने राज्य सरकार के सामने एक अनोखी मांग रखी है. जरुड और वरुड क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर खेतों में गांजा की खेती तथा मोहफूल से तैयार होने वाली पारंपरिक शराब की बिक्री को अनुमति देने की मांग की है.
किसान नेता सोपान ढोले समेत कई किसानों का कहना है कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें सम्मानजनक जीवन देने और कृषि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई है. किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि स्वामीनाथन समिति की कई महत्वपूर्ण सिफारिशें अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं की गई हैं.
* संतरा उत्पादकों पर बढ़ता आर्थिक दबाव
विदर्भ के जरुड और वरुड क्षेत्र संतरा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से किसानों को लगातार प्राकृतिक आपदाओं, फसल नुकसान और बाजार में कम कीमतों का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री की बढ़ती लागत ने किसानों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है. किसानों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में खेती लाभकारी नहीं रह गई है. उनका दावा है कि वैकल्पिक आय के स्रोत उपलब्ध कराकर ही किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जा सकता है.
पत्र में किसानों ने कहा है कि वे कठिन परिस्थितियों के बावजूद आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाना चाहते, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए नए विकल्प तलाशना चाहते हैं. इसी उद्देश्य से उन्होंने सरकार से नियंत्रित और कानूनी ढांचे के तहत गांजा खेती तथा मोहफूल आधारित उत्पादों के विपणन की अनुमति देने की मांग की है. हालांकि, वर्तमान में भारत में गांजा की खेती और बिक्री पर विभिन्न कानूनी प्रतिबंध लागू हैं तथा इसके लिए विशेष सरकारी अनुमति आवश्यक होती है. इसलिए किसानों की यह मांग नीति और कानून के स्तर पर व्यापक चर्चा का विषय बन सकती है. यह मांग फिलहाल किसानों द्वारा सरकार को भेजे गए निवेदन का हिस्सा है और इस पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.





