विधान परिषद चुनाव ः पांच दिन कडी सुरक्षा में रहेंगी मतपेटियां
हर दो घंटे में होगा सुरक्षा निरीक्षण

* नियोजन भवन के स्ट्राँग रूम पर चौबीसो घंटे निगरानी
अमरावती/दि.17– स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव के लिए 18 जून को मतदान संपन्न होने के बाद सभी मतपेटियों को कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नियोजन भवन स्थित स्ट्राँग रूम में रखा जाएगा. चुनाव प्रशासन और पुलिस विभाग ने मतपेटियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए. मतपेटियां 18 जून से 22 जून तक पांच दिनों के लिए स्ट्राँग रूम में सुरक्षित रखी जाएगी.
जानकारी के अनुसार जिले के सात मतदान केंद्रों से मतपेटियां मतदान समाप्ति के बाद नियोजन भवन पहुंचाई जाएगी. शाम लगभग 4 बजे तक सभी मतपेटियों को स्ट्राँग रूम में जमा कर सीलबंद किया जाएगा. स्ट्राँग रूम के भीतर तथा मुख्य प्रवेश द्वार पर सशस्त्र पुलिस और आर्म्स गार्ड की तैनाती रहेगी, जबकि पुरे परिसर में कडा पुलिस बंदोबस्त रहेगा.
सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए 18 जून की रात 8 बजे से 22 जून की सुबह 6 बजे तक पुलिस निरीक्षक अथवा सहायक पुलिस आयुक्त नियमित रूप से स्ट्राँग रूम का निरीक्षण करेंगे. वरिष्ठ अधिकारी प्रत्येक दो घंटे में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर स्थिति का जायजा लेंगे. * मतदान केंद्रों पर भी रहेगा विशेष सुरक्षा बंदोबस्त
अमरावती तहसील कार्यालय और भातकुली तहसील कार्यालय सहित सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए है. मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में विशेष पुलिस बंदोबस्त रहेगा. इसके लिए दो पुलिस निरीक्षक, चार उपपुलिस निरीक्षक तथा अन्य पुलिस कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है. ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके. * 22 जून को होगी मतगणना
विधान परिषद चुनाव की मतगणना 22 जून को नियोजन भवन में की जाएगी. मतगणना स्थल पर भी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए है. संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में संचालित की जाएगी. उनके मार्गदर्शन में एक सहायक पुलिस आयुक्त, चार पुलिस निरीक्षक, छह उपनिरीक्षक, 40 पुलिस कर्मचारी तथा 15 महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती रहेगी. इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए श्वान पथक भी तैनात किया जाएगा. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एक पुलिस निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक तथा 10 अतिरिक्त पुलिस कर्मचारी विशेष रूप से निगरानी का कार्य संभालेंगे. प्रशासन का कहना है कि मतदान से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए है.





