अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र में विधान परिषद सीट हेतु
कल होगा मतदान, भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे की प्रचंड जीत तय

* कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख ने बीच में ही मैदान छोडा
* वंचित के प्रत्याशी नीलेश विश्वकर्मा नहीं लगा रहे कोई खास दम
* भाजपा प्रत्याशी पोटे के लिए मैदान पूरी तरह साफ, फिर कर सकते हैं ‘क्लीन स्वीप’
अमरावती/दि.17 – विधान परिषद की सीट के लिए अमरावती के स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र में चल रही चुनावी प्रक्रिया के तहत कल गुरूवार 18 जून को जिले की 14 तहसीलों में बनाए गये 7 मतदान केन्द्रों में प्रत्यक्ष मतदान की प्रक्रिया होगी. जहां पर जिले के 15 स्थानीय स्वायत्त निकायों के मताधिकार प्राप्त सदस्य द्बारा विधान परिषद के लिए अपना प्रतिनिधि चुनने हेतु मतदान किया जायेगा. इस समय अमरावती के स्थानीय स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र में जिस तरह की स्थिति है. उसे देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि विधान परिषद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे पाटिल की जबर्दस्त एवं प्रचंड जीत होने जा रही है. क्योंकि चुनावी रेस में रहनेवाले कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख ने नामांकन प्रक्रिया के तुरंत बाद एक तरह से मैदान ही छोड दिया. साथ ही चुनावी मैदान में रहनेवाले वंचित बहुजन आघाडी के प्रत्याशी डॉ. नीलेश विश्वकर्मा द्बारा विधान परिषद चुनाव के लिहाज से कोई विशेष दमखम नहीं दिखाया गया. जिसके चलते भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे के लिए विधान परिषद के चुनाव में मैदान पूरी तरह से साफ माना जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि पिछली बार की तरह इस बार भी प्रवीण पोटे द्बारा क्लीन स्वीप करते हुए चुनाव जीता जायेगा.
बता दें कि महायुति की ओर से भाजपा द्बारा प्रत्याशी बनाए गये प्रवीण पोटे पाटिल के लिए जहां एक ओर खुद सीएम देवेन्द्र फडणवीस द्बारा जिले के मतदाता सदस्यों को फोन किए गये तथा राज्य के राजस्व मंत्री व जिला पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवीन्द्र चव्हाण द्बारा अमरावती का दौरा करते हुए मतदाता सदस्यों से संपर्क साधने के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों को भी सक्रिय किया गया. साथ ही साथ महायुति में शामिल रहनेवाले घटकदलों के नेताओं से भी संपर्क साधते हुए उनसे साथ व सहयोग मांगा गया. जिसके चलते अजीत पवार गुट वाली राकांपा का स्थानीय स्तर पर नेतृत्व करनेवाले विधायकद्बय संजय खोडके व सुलभा खोडके, शिंदे सेना के विदर्भ विभागीय नेता व विधायक बच्चू कडू तथा युवा स्वाभिमान पार्टी के मुखिया व विधायक रवि राणा के साथ भाजपा नेताओं द्बारा सतत संपर्क व समन्वय रखा गया. जिसकी बदौलत इन सभी नेताओं का पूरा साथ व सहयोग भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे पाटिल को मिल रहा है.
ज्ञात रहे कि अमरावती स्थानीय स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र मेें विधान परिषद के चुनाव हेतु कुल 453 मतदाता संख्या है. जिसमें से भाजपा के पास अपने खुद के 150 मतदाता सदस्य है. वहीं महायुति में शामिल अजीत पवार गुट वाली कांग्रेस के 33, युवा स्वाभिमान पार्टी के 26, प्रहार पार्टी के 21 एवं शिंदे गुट वाली शिवसेना के 18 सदस्यों को जोडने पर महायुति के पास कुल 248 वोट हो जाते हैं. जो जीत के लिहाज से काफी है. वहीं दूसरी ओर प्रमुख प्रतिद्बंदी दल रहनेवाली कांग्रेस के पास 120 मतदाता सदस्य है. जबकि कांग्रेस के साथ मविआ में शामिल सेना उबाठा के पास 22 व शरद पवार गुट वाली राकांपा के पास 11 सदस्य है. इसके अलावा एमआयएम के पास 16 सदस्य रहने के साथ ही जिले में बसपा, समाजवादी पार्टी, वंचित बहुजन आघाडी के सदस्य एवं निर्दलीय सदस्यों की संख्या 36 है. यानी भाजपा विरोधी वोटों की कुल संख्या 205 है. इसे देखते हुए भी ीााजपा प्रत्याशी की जीत तय मानी जा रही थी. हालांकि भाजपा प्रत्याशी पोटे के सामने कोई दमदार प्रतिस्पर्धी रहने पर मुकाबला काफी रोचक रहा होता. परंतु नामांकन प्रक्रिया के ठीक बात कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख ने एक तरह से खुद को विधान परिषद के चुनाव से अलग कर लिया. वहीं नामांकन प्रक्रिया के बाद वंचित बहुजन आघाडी के प्रत्याशी डॉ. नीलेश विश्वकर्मा के नाम की भी कोई विशेष चर्चा सुनाई नहीं दी. जिसके चलते माना जा रहा है कि यह चुनाव पूरी तरह से एकतरफा हो गया है. साथ ही अब चूकि भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे के सामने कोई दमदार प्रत्याशी नहीं है. जिसके चलते जिले के 453 में से अधिकांश मतदाता सदस्यों के वोट उन्हें मिलने की ही संभावना है. जिसे देखते हुए माना जा रहा है कि भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे इस बार भी प्रचंड जीत दर्ज करने की ओर अग्रसर है.





