विप्लव बाजोरिया ने हाईकोर्ट से अपनी याचिका ली पीछे

ऐन चुनाव से एक दिन पहले हाईकोर्ट में मामला हुआ निरस्त

अमरावती / नागपुर /दि.17- अमरावती के स्थानीय स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के चुनाव हेतु अपना नामांकन आवेदन खारिज होने के बाद मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में गुहार लगानेवाले पूर्व विधायक विप्लव गोपीकिसन बाजोरिया ने आज नागपुर खंडपीठ में सुनवाई की तारीख रहते समय अपनी याचिका को पीछे ले लिया. जिसके चलते यह मामला अब हाईकोर्ट के स्तर पर पूरी तरह से निरस्त होने के साथ ही खत्म भी हो गया है.
बता दें कि विधान परिषद की सीट हेतु अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र से दावेदारी पेश करनेवाले पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया के नामांकन को आधा अधूरा व त्रृटिपूर्ण बताते हुए चुनावी मैदान में रहनेवाले अन्य तीनों प्रतयाशियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी. जिसके बाद आपत्तियों पर सुनवाई करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधीश आशीष येरेकर ने आक्षेपों को सही बताते हुए बाजोरिया के नामांकन को अपात्र ठहराया था. अपनी दावेदारी खारिज किए जाने के खिलाफ विप्लव बाजोरिया ने तुरंत ही नागपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. जहां से उन्हें कोई तत्कालिक राहत नहीं मिली. बल्कि अदालत ने जिलाधीश के फैसले को ही सही बताया था.जिसके बाद बाजोरिया ने सुप्रीम कोर्ट में भी गुहार लगाई थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा पहले हाईकोर्ट में करने और फिर सुप्रीम कोर्ट आने की बात कही. जिसके चलते विगत 12 जून को बाजोरिया ने हाईकोर्ट में अपनी याचिका पर त्वरीत सुनवाई करने की अपील दायर की. परंतु नागपुर हाईकोर्ट ने 17 जून की तय तारीख पर ही सुनवाई करने का निर्णय लिया. जिसके चलते आज 17 जून को नागपुर हाईकोर्ट में बाजोरिया की याचिका पर सुनवाई होनी थी.
विशेष उल्लेखनीय है कि अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र में विधान परिषद की सीट हेतु कल गुरूवार 18 जून को ही मतदान होना है और इससे मात्र एक दिन पहले आज हाईकोर्ट में इसी चुनाव से संबंधित याचिका पर सुनवाई होेनेवाली थी. जिसका बाजोरिया को शायद ही कोई फायदा मिल पाता. संभवत: इसी बात को ध्यान में रखते हुए पूर्व विधाायक विप्लव बाजोरिया ने आज न्या. चांदवानी की अदालत में सुनवाई शुरू होने से पहले ही अपनी याचिका वापिस लेने की अपील दायर की. जिसे स्वीकार करते हुए न्या.चांदवानी ने इस मामले को खारिज एवं निरस्त कर दिया.
आज हुई सुनवाई के दौरान जहां याचिकाकर्ता विप्लव बाजोरिया की ओर से एड. रेणुका शिरपुरकर उपस्थित थी. वहीं प्रतिवादी पक्ष की ओर से सुनवाई में नागपुर के वरिष्ठ विधिज्ञ एड. सुनील मनोहर, एड. महेन्द्र भांगडे व एड. ऋषिकेश मार्डीकर ने पैरवी की. जिन्हें अमरावती से नागपुर पहुंचे वरिष्ठ विधिज्ञ एड. प्रशांत देशपांडे, एड. चंद्रशेखर डोरले, एड. संदीप गुप्ता व एड.सुमित शर्मा ने सहयोग किया.

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