प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत अमरावती में विशेष कार्यक्रम
विद्याभारती महाविद्यालय में आयोजन

अमरावती /दि.22- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत लाभ वितरण के लिए 19 जून को देशभर में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में अमरावती के विद्या भारती महाविद्यालय, सी.के. नायडू रोड, कैंप परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की. इस अवसर पर देश के 200 स्थानों पर एक साथ क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें अमरावती भी शामिल था.
अमरावती जिले में योजना के तहत पार्ट-ए श्रेणी में कुल 460 लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 166 लाभार्थी कार्यक्रम में उपस्थित रहे. वहीं पार्ट-2 के अंतर्गत जिले के 52 नियोक्ताओं को योजना का लाभ प्रदान किया गया, जिनमें से 32 नियोक्ता कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों द्वारा 20 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, जिससे उन्हें औपचारिक रोजगार के अवसर प्राप्त हुए. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उद्योगों को सशक्त बनाने वाली एक परिवर्तनकारी पहल है. उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से अब तक लगभग 70 लाख नए रोजगार सृजित हुए हैं तथा पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले लाखों युवाओं को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि पात्र कर्मचारियों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे युवाओं को अपने करियर की शुरुआत में महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है. प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना रोजगार सृजन को गति देने के साथ वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
कार्यक्रम में अमरावती के महापौर श्रीचंद तेजवानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इस अवसर पर एमआईडीसी अमरावती के अध्यक्ष किरण पातुरकर, सहायक श्रम आयुक्त राहुल काले, ईएसआईसी अमरावती के शाखा प्रबंधक संदीप सलोडकर, तथा सहायक भविष्य निधि आयुक्त मनीष घनबहादुर भी मौजूद थे. अपने संबोधन में महापौर श्रीचंद तेजवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए लाभकारी साबित हो रही है. यह योजना युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उद्योगों को कुशल एवं ऊर्जावान कार्यबल प्रदान कर रही है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विनिर्माण क्षेत्र को दिए गए अतिरिक्त प्रोत्साहन से रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी.





