पहली झमाझम बारिश से तरबतर हुआ शहर

दोपहर में छाया रात जैसा अंधेरा, सड़कों पर नदियों जैसा बहा पानी

* तेज आंधी, गरज और मूसलाधार बारिश ने बदली फिजा
* कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
अमरावती/दि.24- भीषण गर्मी, उमस और मानसून की लंबी प्रतीक्षा के बाद बुधवार को आखिरकार मौसम ने ऐसा करवट बदला कि पूरा शहर पानी-पानी हो गया. दोपहर बाद अचानक आसमान पर काले घने बादलों ने डेरा डाल लिया और कुछ ही मिनटों में दिन का उजाला धुंधला पड़ गया. हालात ऐसे बन गए मानो शाम ढल चुकी हो. इसके बाद तेज आंधी, बिजली की कड़कड़ाहट और झमाझम बारिश का ऐसा दौर शुरू हुआ कि शहर की सड़कें देखते ही देखते जलमग्न हो गईं. विदर्भ में मानसून की सक्रियता बढ़ने और नागपुर-अमरावती क्षेत्र में बारिश के दौर की शुरुआत की पुष्टि मौसम विभाग ने भी की है.
बारिश की पहली ही तेज बौछार ने महानगरपालिका के जल निकासी दावों की पोल खोल दी. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों और निचली बस्तियों में पानी भर गया. कई स्थानों पर सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागते दिखाई दिए. कार्यालयों, स्कूलों और बाजारों से लौट रहे लोगों को अचानक आई बारिश ने पूरी तरह चौंका दिया.
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित किया. कई मार्गों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं, जबकि कुछ स्थानों पर बिजली के तारों और खंभों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं. अचानक मौसम बिगड़ने से शहर के अनेक हिस्सों में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई. मौसम विभाग ने पहले ही तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई थी.
* निचली बस्तियों में बढ़ी चिंता
बारिश शुरू होते ही शहर की निचली बस्तियों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई. कई क्षेत्रों में घरों और दुकानों के सामने पानी जमा हो गया. लोगों ने स्वयं पानी निकासी के प्रयास किए, जबकि कुछ स्थानों पर मनपा की टीमें पंपिंग मशीनों के जरिए जल निकासी में जुटी रहीं. यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रहती है तो इन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है.
* प्रशासन अलर्ट मोड पर
बारिश और तेज हवाओं से हुए संभावित नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हो गया. नगर निगम, राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन और विद्युत विभाग के अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेने में जुट गए. जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है और आपातकालीन सहायता दलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
* गर्मी से राहत, किसानों के चेहरे खिले
लगातार कई सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को इस बारिश ने बड़ी राहत दी है. विदर्भ क्षेत्र में इस वर्ष जून के अधिकांश दिनों में तापमान सामान्य से अधिक बना रहा था और कई जिलों में लू जैसे हालात थे. बारिश के साथ तापमान में आई गिरावट से मौसम सुहावना हो गया. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं. खरीफ सीजन की बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों को अब उम्मीद है कि मानसून की यह शुरुआत खेती-किसानी के लिए शुभ संकेत साबित होगी.
* अगले कुछ दिनों तक बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब विदर्भ क्षेत्र में सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में गरज-चमक, तेज हवाओं तथा मध्यम से भारी बारिश के दौर जारी रह सकते हैं. प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है. बारिश की इस पहली जोरदार दस्तक ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं शहर की व्यवस्थाओं की भी परीक्षा शुरू कर दी है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मानसून का यह सिलसिला आने वाले दिनों में कितना रफ्तार पकड़ता है और शहर इसकी चुनौतियों से किस तरह निपटता है.

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