मनपा का आउट सोर्सिंग ठेका पहुंचा हाईकोर्ट
एसॉर्ट कंपनी ने मनपा के फैसले को दी चुनौती

* मनपा ने नैकॉफ कंपनी के नाम जारी किया है ठेका
* हाईकोर्ट में सोमवार को होगी मामले की सुनवाई
अमरावती/दि.26 – महानगरपालिका व्दारा मनुष्य बल नियुक्ति हेतु आउट सोर्सिंग एजंसी को दिए गए ठेके को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. जिस पर आगामी सोमवार 29 जून को सुनवाई होनेवाली है. बता दे कि, अमरावती मनपा ने आउट सोर्सिंग का ठेका नैकॉफ कंपनी को देने का निर्णय लिया है. जिसे आउट सोर्सिंग ठेके की निविदा प्रक्रिया में शामिल रहनेवाली एसॉर्ट कंपनी ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए मनपा प्रशासन के फैसले को गलत बताया. एसॉर्ट कंपनी की और से दायर याचिका को सुनवाई हेतु स्विकार करते हुए हाईकोर्ट महानगरपालिका को नोटीस जारी कर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा है.
बता दे कि, तत्कालिन मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा के कार्यकाल दौरान मनपा की विभिन्न आस्थापनाओं में करीब 650 ठेका नियुक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करने हेतु मनुष्यबल आपूर्ति के लिए निविदा प्रक्रिया चलाई गई थी. 61 करोड रूपए मुल्यवाला यह ठेका 3 वर्षो के लिए दिया जाना था. इस निविदा प्रक्रिया में चार कंपनियों व्दारा हिस्सा लिया गया था. जिन में से चयन समिति ने नैकॉफ कंपनी को ‘एल-1’ यानी ‘लोएस्ट वन’ हराते हुए इस ठेके के लिए पात्र माना था और शेष तीन कंपनियां इस ठेके की रेस से बाहर हो गई थी. जिनमें एसॉर्ट कंपनी का भी समावेश था. ऐसे में एसॉर्ट कंपनी ने चयन समिति की निर्णय को गलत बताते हुए नैकॉफ कंपनी को मनुष्यबल आपूर्ति का ठेका दिए जाने का विरोध किया. साथ ही इस मामले को लेकर नागपुर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की.
ज्ञात रहे आउट सोर्सिंग ठेके हेतु आवश्यक शर्तो में फिलहाल सर्विस चार्ज पर मामला अटका हुआ है. नियमानुसार 3.85 फिसद सर्विस चार्ज निश्चित किया गया है. जिससे अधिक सर्विस चार्ज लगाने पर उसका स्पष्टीकरण देना अनिवार्य किया गया है. हालाकि इसके बावजुद किसी भी सुरत में सर्विस चार्ज 3 फिसद से अधिक नहीं होना चाहिए. इस ठेके की निविदा प्रक्रिया में दो कंपनियों व्दारा सर्विस चार्ज की दरों का उल्लेख किया गया है. वही दो कंपनियों ने सर्विस चार्ज की दरों की बजाए सीधे सर्विस चार्ज की रक्कम ही लिख दी गई है. जिसके चलते मनपा प्रशासन के सामने किसी एक कंपनी को ‘एल -1’ ठहराने के लिए तकनिकी दिक्कते थी. लेकिन इसके बावजुद मनपा प्रशासन व्दारा नैकॉफ कंपनी की ओर से दर्ज की गई दरों को योग्य मानते हुए कंपनी को आउट सोर्सिंग ठेके के लिए पात्र माना गया. इसी बात को लेकर विवाद वाली स्थिति बनी है. तथा एसॉर्ट कंपनी व्दारा इसी बात को लेकर नागपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. जहां पर अब आगामी सोमवार 29 जून को न्या. उर्मिला जोशी फालके व न्या. निवेदिता मेहता की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई होगी.