वर्ग-2 से वर्ग-1 भूमि रूपांतरण होगा आसान

शुल्क में भी भारी कटौती, सोसायटीधारकों को बड़ी राहत

मुंबई/दि.7- राज्य सरकार ने गृहनिर्माण सहकारी संस्थाओं (हाउसिंग सोसायटियों) और फ्लैटधारकों को बड़ी राहत देने वाला महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. अब वर्ग-2 (क्लास-2) जमीन को वर्ग-1 (क्लास-1) में परिवर्तित करने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम बनाई जाएगी. इसके लिए नियमों में संशोधन किए जाने की घोषणा राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में की.
विधानसभा के पावस सत्र के दौरान विधायक योगेश सागर द्वारा उठाए गए मुद्दे पर जवाब देते हुए मंत्री बावनकुले ने कहा कि भूमि रूपांतरण से जुड़े नियमों और आवेदन प्रक्रिया में बदलाव कर कानूनी अड़चनों को कम किया जाएगा, जिससे हजारों हाउसिंग सोसायटियों को लाभ मिलेगा.
* 100 प्रतिशत नहीं, 60 प्रतिशत सहमति पर्याप्त
बता दे कि, अब तक वर्ग-2 से वर्ग-1 भूमि रूपांतरण के लिए सोसायटी के सभी सदस्यों की शत-प्रतिशत सहमति आवश्यक होती थी, जिसके कारण कई प्रस्ताव वर्षों तक लंबित रहते थे. सरकार ने इस शर्त में बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि अब 100 प्रतिशत की बजाय 60 प्रतिशत सदस्यों की सहमति मिलने पर भी रूपांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी.
* 99 वर्ष की लीज वाली सोसायटियों को भी राहत
मुंबई और उपनगरों में 99 वर्ष की लीज पर दी गई जमीनों पर बनी हजारों हाउसिंग सोसायटियों के सामने लंबे समय से भूमि अधिकारों का प्रश्न बना हुआ था. सरकार ने इस मुद्दे के समाधान का रास्ता निकालते हुए लीजधारक सोसायटियों को भी राहत देने का निर्णय लिया है. इससे पुनर्विकास और संपत्ति हस्तांतरण संबंधी अड़चनें दूर होने की उम्मीद है.
* रूपांतरण शुल्क में भारी कमी
सरकार ने रूपांतरण और हस्तांतरण शुल्क में भी उल्लेखनीय कटौती की घोषणा की है. पहले बाजार मूल्य (रेडी रेकनर दर) के आधार पर भारी शुल्क लिया जाता था, जिससे सोसायटियों पर करोड़ों रुपये का आर्थिक बोझ पड़ता था. नई व्यवस्था के तहत आवासीय सोसायटियों को अब 5 से 8 प्रतिशत के बजाय केवल 0.5 प्रतिशत शुल्क देना होगा. व्यावसायिक संपत्तियों पर अधिकतम 1.5 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा. दक्षिण मुंबई की लगभग 1,500 सदनिकाओं को हस्तांतरण मूल्य से पूरी तरह छूट मिलेगी. 153 बड़े लीज प्रकरणों में लगने वाले शुल्क भी कम किए जाएंगे. जिन मामलों में पहले करोड़ों रुपये का भुगतान करना पड़ता था, वहां अब नाममात्र शुल्क देकर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी.
* पुनर्विकास को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के इस फैसले से विशेष रूप से मुंबई, पुणे और अन्य शहरी क्षेत्रों की पुरानी हाउसिंग सोसायटियों को लाभ मिलेगा. भूमि वर्ग परिवर्तन की जटिल प्रक्रिया आसान होने से पुनर्विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी और हजारों फ्लैटधारकों को कानूनी तथा आर्थिक राहत प्राप्त होगी. राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा कि सरकार जल्द ही आवश्यक संशोधन लागू कर इस प्रक्रिया को पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाएगी. इससे राज्यभर की हाउसिंग सोसायटियों की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा.

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