प्रत्येक घर तक पहुंचेगा निर्वाचन विभाग, अमरावती में 25 लाख मतदाताओं का होगा सत्यापन

जिलाधीश आशिष येरेकर ने किया पत्रवार्ता में दावा, एसआईआर प्रक्रिया को लेकर दी जानकारी

* 24 वर्षों बाद शुरू हुआ विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान, 2,682 बीएलओ जुटे, 7 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
अमरावती/दि.7- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से देशभर में चलाए जा रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) अभियान के तहत अमरावती जिले में व्यापक स्तर पर घर-घर सत्यापन कार्य शुरू कर दिया गया है. सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय स्थित राजस्व भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में जिलाधिकारी तथा जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष येरेकर ने बताया कि जिले के 25 लाख 45 हजार 677 मतदाताओं की जानकारी का प्रत्यक्ष सत्यापन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पिछले 24 वर्षों से केवल संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जा रहा था, लेकिन बढ़ते शहरीकरण, पलायन और मतदाता सूची में संभावित दोहराव को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने विशेष सघन पुनरीक्षण का निर्णय लिया है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो.
* 2,682 बीएलओ कर रहे घर-घर सर्वेक्षण
इस पत्रवार्ता में जिलाधिकारी आशिष येरेकर द्वारा जिले में चलाई जा रही मैपिंग व एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर बताया गया कि जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए 8 निर्वाचन निबंधन अधिकारी, 43 सहायक निर्वाचन निबंधन अधिकारी, 170 अतिरिक्त सहायक अधिकारी, 233 बीएलओ पर्यवेक्षक तथा 2,682 बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) नियुक्त किए गए हैं. सभी बीएलओ का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है तथा गणना प्रपत्रों का वितरण भी कर दिया गया है. 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध करा रहे हैं तथा भरे हुए फॉर्म वापस एकत्रित कर रहे हैं. यदि किसी घर पर ताला बंद मिलता है तो संबंधित बीएलओ कम से कम तीन बार संपर्क का प्रयास करेगा.
* 5 अगस्त को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची
इस पत्रवार्ता में दी गई जानकारी के मुताबिक निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी. 3 अक्टूबर तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा कर 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.
* शिक्षकों की ड्यूटी, पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी
जिलाधिश आशिष येरेकर ने पत्रकार परिषद में बताया गया कि बड़ी संख्या में शिक्षक बीएलओ के रूप में कार्यरत हैं. विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है. संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि बीएलओ के रूप में कार्यरत कर्मचारियों को दोपहर 2 बजे के बाद ही एसआईआर कार्य के लिए मुक्त किया जाए तथा विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य जारी रखा जाए.
* आधार केवल पहचान पत्र, नागरिकता का प्रमाण नहीं
पत्रवार्ता के दौरान जिलाधिकारी आशिष येरेकर ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आधार कार्ड केवल पहचान के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा, नागरिकता के प्रमाण के रूप में नहीं. जिन मतदाताओं के विवरण में विसंगति पाए जाने पर नोटिस जारी की जाएगी और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा.
* 31.83 प्रतिशत मतदाताओं तक पहुंचे गणना प्रपत्र
जिलाधिश आशिष येरेकर ने एसआईआर प्रक्रिया के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि, 6 जुलाई की शाम तक जिले में कुल 8 लाख 10 हजार 410 गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 31.83 प्रतिशत है. मोर्शी विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 41.92 प्रतिशत प्रपत्र वितरित किए गए हैं, जबकि अचलपुर, मेलघाट, दर्यापुर और धामणगांव रेलवे क्षेत्रों में भी अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है.
* रोज शाम 6 बजे होगी समीक्षा बैठक
अभियान की प्रगति पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारी आशीष येरेकर प्रतिदिन शाम 6 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ले रहे हैं. इसमें निर्वाचन अधिकारी, पर्यवेक्षक तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं.
* राजनीतिक दलों और नागरिकों से सहयोग की अपील
पत्रवार्ता के जरीए जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने सभी राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का आग्रह किया. उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे बीएलओ को सही जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अभियान में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों के नाम हटाना, दोहरे नामों को समाप्त करना और नए पात्र मतदाताओं को शामिल करना इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है. नागरिकों के सक्रिय सहयोग से ही मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और विश्वसनीय बन सकेगी.

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