किसानों के लिए बारिश का सुखद दौर शुरू
संभाग के पांचों जिलों में आज सुबह से जबरदस्त बुंदाबांदी

* औसत की तुलना में 92 फिसद बारिश से किसान हर्षाए
* खरीफ फसलों की बुआई के कामों ने पकडी रफ्तार
* वर्षाजनित हादसों के चलते 1 जुलाई से अब तक संभाग में जनहानी नहीं
* जून माह में गाज की चपेट में आने व बाढ में बह जाने के चलते 8 लोगों की हुई थी मौत
* जिला एवं संभाग स्तर पर प्रशासन बरत रहा सावधानी, नुकसान पंचनामे व सानुग्रह अनुदान की प्रक्रिया तेज
अमरावती /दि.7- इस वर्ष बारिश का मौसम यद्यपि थोडा विलंब से शुरू हुआ और आधे से अधिक जून माह सूखा ही बिता. लेकिन जून माह के अंतिम दौर में सक्रिय हुए मानसून ने काफी हद तक बैकलॉक को पूरा कर दिया था. साथ ही अब जारी जुलाई माह के दौरान झमाझम बारिश का दौर भी शुरू हो चुका है. जिसके तहत जहां इससे पहले लगातार तीन दिनों तक अच्छी खासी बारिश हुई. वहीं आज सुबह से एक बार फिर अमरावती शहर व जिले सहित संभाग के पांचों जिलों में जोरदार बुंदाबांदी हुई. इसे किसानों के लिहाज से सुखद स्थिती माना जा रहा है. साथ ही अब तक हुई बारिश को ध्यान में रखते हुए अब खेत खलिहानों में खरीफ फसलों की बुआई का दौर भी तेज हो गया. खास बात यह है कि जारी जुलाई माह के दौरान पूरे संभाग से जिवित हानी को लेकर कोई समाचार प्राप्त नहीं हुआ. वहीं जून माह के दौरान वर्षाजनित हादसों के चलते जानोमाल का बडे पैमाने पर नुकसान हुआ था. जिसके तहत दो लोगों की बाढ के पानी में बह जाने तथा 6 लोगों की आसमानी गाज की चपेट में आने की वजह से मौत हुई थी. ऐसे में जिला एवं संभाग स्तर पर आपत्ति व्यवस्थापन पथकों द्वारा हालात पर पूरी तरह से नजर रखते हुए तमाम जरूरी उपाययोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है.
जारी वर्ष की बारिश को लेकर जिला एवं संभाग प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक जून माह के दौरान अमरावती जिले में 145.7 मिमी व संभाग में 147.7 मिमी बारीश होना अपेक्षित था. जिसकी ऐवज में इस वर्ष जून माह के दौरान अमरावती जिले में 140.1 मिमी यानि 96.2 फीसद तथा संभाग में 125.1 मिमी यानी 84.8 फीसद बारिश हुई. जिसे काफी हद तक संतोषप्रत भी माना जा सकता है. क्योंकि आधे से अधिक जून माह सुखा ही बिता और इस वर्ष मानसून की आमद भी विलंब से हुई. वहीं जुलाई माह के दौरान अमरावती जिले में 62.6 मिमी व संभाग में 54.1 मिमी बारिश होना अपेक्षित था. जिसकी ऐवज में अमरावती जिले में 47.3 मिमी यानी 75.5 फीसद तथा संभाग में 62.2 मिमी यानी 115 फीसद बारीश हुई है. इसे भी काफी हद तक समाधानकारक स्थिती माना जा सकता है. चुंकि अभी आधे से अधिक जुलाई माह बाकी है. जिसके चलते उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई माह के आगामी तीन सप्ताह के दौरान यदि झमाझम बारिश बरसता है तो जून माह का बैकलॉग पूरा होगा. खास बात यह भी है कि प्रतिवर्ष 1 जून से 7 जुलाई के दौरान अमरावती जिले में 208.3 मिमी व संभाग में 201.7 मिमी बारिश अपेक्षित होती है. जिसकी तुलना में इस वर्ष अमरावती जिले में 147.4 मिमी यानी 90 फीसद तथा संभाग में 183.3 यानी 92.9 फीसद पानी बरसा है. वहीं प्रतिवर्ष जून से सितंबर माह के दौरान अमरावती जिले में 862 मिमी व संभाग में 749.8 मिमी बारिश होने की अपेक्षा रहती है. जिसकी तुलना में अब तक हुई बारिश के आंकडों को देखते हुए कहा जा सकता है कि कुल अपेक्षित बारिश में से अमरावती जिले में 21.7 फीसद तथा संभाग में 25 फीसद बारिश हुई है. यह एक तरह से जिले सहित संभाग के लिए चिंताजनक स्थिति है.
* गतवर्ष की तुलना में इस बार कम हुई बारिश
यहां यह विशेष उल्लेखनिय है कि, गतवर्ष इस समय तक यानी 1 जून से 7 जुलाई तक अमरावती जिले में 135.5 मिमी यानी 65.1 फीसद तथा संभाग में 204.5 मिमी यानी 101.4 फीसद बारिश हो चुकी थी. जबकि इस वर्ष 1 जून से 7 जुलाई तक अमरावती जिले में 21.7 फीसद तथा संभाग में 25 फीसद बारिश हुई है. जिसे देखते हुए कहा जा सकता है कि गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष हुई बारिश का प्रमाण काफी हद तक अत्यल्प ही है.
* जून माह दौरान वर्षाजनित हादसों में 8 की मौत
संभागिय आयुक्तालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक विगत जून माह के दौरान अमरावती संभाग में वर्षाजनित हादसों के चलते 8 लोगों की मौत हुई. जिनमें अमरावती जिले के 4 एवं यवतमाल जिले के 4 लोगों का समावेश रहा. इसमें से अमरावती जिले के चांदूर बाजार में पांढरी गाव निवासी रविंद्र आवारे (53) व गोपाल निरवार (40) की बाढ के पानी में बह जाने की वजह से मौत हुई. जबकि गाज की चपेट में आने के चलते अमरावती जिले की चांदूर रेल्वे तहसील अंतर्गत कलमजापुर निवासी सुनंदा सुरेश सहारे (37), मोर्शी तहसील अंतर्गत नेरपिंगलाई निवासी अशोक जगजीवनराम भोजने (62), यवतमाल जिला अंतर्गत वणी तहसील के टाकली गाव निवासी विलास मानकू तुमराम (55), कलंब निवासी भीमराव रामभाऊ काटकर (55) व निखिल वाल्मिक भोयर (32) तथा उमरखेड तहसील के कुरली भोजनगर निवासी महेश गणेश आडे (24) की जान गई. इसमें से यवतमाल जिले के चार मृतकों में से एक मृतक के परिवार को प्रशासन द्वारा कुल 4 लाख रूपये की सहायता राशि वितरीत की जा चुकी है. वहींं अन्य मामलों की फिलहाल पडताल जारी है.
इसके अलावा जून माह में वर्षाजनित हादसों के चलते कुल 17 लोग अलग-अलग स्थानों पर घायल हुए. जिसमें से 15 घायलों को सरकारी सहायता हेतु प्राप्त माना गया.
* बडे पैमाने पर गांव एवं परिवार प्रभावित
– 9438 हे. क्षेत्र में फसलों का हुआ नुकसान
विगत 1 जून से 7 जुलाई के दौरान जिले में तेज आंधी तुफान, बारिश व अतिवृष्टी के चलते संभाग की 16 तहसीलें, 88 शहर व 29 गाव बाधित हुए है. जहां पर 121 परिवार एवं 311 लोग बाढ व बारिश की वजह से प्रभावित हुए. इस दौरान तेज बारिश की वजह से नदी-नालों में आई बाढ की वजह से 41.60 हेक्टेयर क्षेत्र में खेतोें की उपजाऊ मिट्टी बह गई. वहीं 9438.54 हेक्टेयर क्षेत्रों में फसलों का बडे पैमाने पर नुकसान हुआ.
* मवेशियों एवं कच्चे-पक्के मकानों का भी जमकर नुकसान
जारी वर्ष के दौरान 1 जून से 7 जुलाई के बिच संभाग के पांचों जिलों में 22 बडे व 25 छोटे दुधारू जानवरों की वर्षाजनित हादसों में मौत हुई. जिसमें से बडे जानवरों के दो मामलों में 1 लाख 12 हजार 500 रूपये तथा छोटे जानवरों के 8 मामलों में 25 हजार रूपये की सहायता प्रदान की गई. इसके अलावा बुआई जुताई करनेवाले 11 बडे जानवरों की इस दौरान मौत हुई. जिसमें से एक मामले में 32 हजार रूपये की सहायता दी गई. वहीं इस दौरान संभाग में 7 मकानों का पूरी तरह से नुकसान हुआ. जिसमें से तीन मामलों में 15 हजार रूपये की सहायता दी गई. जबकि 197 पक्के मकानों तथा 358 कच्चे मकानों को अंशतः नुकसान हुआ. जिसमें से 60 पक्के व 84 कच्चे मकानों के नुकसान को भरपाई हेेतु पात्र माना गया. इसके साथ ही इस दौरान एक झोपडी व 19 तबेलों को नुकसान होने की जानकारी प्रशासन द्वारा दी गई है.





