एनडीए के साथ जा सकते है शरद पवार!
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने किया दावा

* बयान से राज्य की राजनीति में मची सनसनी
मुंबई /दि.7- इस समय संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों का नए सिरे से परिसिमन करने तथा महिला आरक्षण विधेयक को पारीत करवाने के लिए भाजपा जबरदस्त तैयारी कर रही है. इसी दौरान पश्चिम बंगाल से महाराष्ट्र में काफी बढा राजनीतिक भुकंप भी हुआ. जब ममता बॅनर्जी के नेतृत्ववाली टीएमसी तथा उद्धव ठाकरे के नेतृत्ववाली शिवसेना उबाठा के कई सांसद एनडीए केे साथ जाकर मिल गए. लेकिन अब भी कुछ सांसदों का समर्थन हासिल करने की सख्त जरूरत है. जिसके चलते इस बात को लेकर जबरदस्त चर्चा चल रही है कि शरद पवार गुटवाली राकांपा संभवतः सत्ताधारी एनडीए का साथ दे सकती है. इस संदर्भ में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शरद पवार गुटवाली राकांपा के पास 10 विधायक व 8 सांसद है और यह आंकडा ‘मैजिक फिगर’ तक पहुंचने के लिए फायदेमंद हो सकता है. परंतु शरद पवार ने पुरोगामी व प्रगतीशिल महाराष्ट्र की याद रखनी चाहिए. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार द्वारा किए गए इस दावे के चलते राज्य की राजनीति में अच्छी खासी सनसनी भी मची हुई है.
उल्लेखनिय है कि, भाजपा के साथ सत्ता में शामिल होने हेतु शरद पवार गुटवाली राकापा में हलचलें तेज रहने के दावे किए जा रहे है. साथ ही शरद पवार की राकांपा सिधे सत्ता में शामिल होती है या सरकार को बाहर से समर्थन देती है इसे लेकर जबरदस्त चर्चा चल रही है. इसी बिच इस बात को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है कि शरद पवार गुटवाली राकांपा के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील तथा भाजपा के हैविवेट नेता विनोद तावडे के भी एक पंचतारांकित होटल में बैठक भी हुई है. हालांकि शरद पवार गुट वाली राकांपा के विधायक रोहित पवार ने ऐसी तमाम खबरों को खारिज किया.
वहीं दुसरी ओर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इस बारे में बेहद सुचक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, अभी इस विषय पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है. लेकिन इस विषय को लेकर भाजपा व शरद पवार गुट वाली राकांपा के बिच चर्चा चल रही है. यह बात पूरी तरह से तय है. ऐसे में अब शरद पवार ने वैचारिकता अथवा सत्ता में से कोई एक पर्याय चुनना चाहिए.

* आरटीओ में चल रहे भ्रष्टाचार की जांच करेगी एसआईटी
– वडेट्टीवार की मांग पर सीएम फडणवीस की घोषणा
इसके साथ ही कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य के प्रादेशिक परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार व गैरकानुनी वसुली का एक बडा रैकेट कार्यरत रहने तथा ऐसे कामों में साथ नहीं देनेवाले अधिकारियों को जानबुझकर एसीबी के जाल में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए विधानसभा में मुद्दा उपस्थित किया था. आरोपों के साथ ही कुछ अधिकारियों के नाम एवं ऑडियो क्लिप भी वडेट्टीवार द्वारा सभागृह में प्रस्तुत किए जाने के चलते अच्छा खासा हडकंप मच गया था. ऐसे में इन गंभीर आरोपों की तत्काल दखल लेते हुए सरकार ने मामले की जांच विशेष जांच पथक के मार्फत कराने की घोषणा की. यह घोषणा करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आयपीएस अधिकारी प्रियंका ननावरे की अध्यक्षता के तहत तीन सदस्यीय विशेष जांच दल स्थापित किए जाने की जानकारी दी. इस जांच समिती द्वारा आगामी एक माह के भीतर आरटीओ घोटाले की जांच पडताल कर अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश की जाएगी. इस रिपोर्ट में जो अधिकारी दोषी पाए जाएंगे उन पर कानुनन कडी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा भी सीएम फडणवीस द्वारा कहा गया.





