तिवसा के खेतों में जिलाधीश निरीक्षण करने पहुंचे
बुआई के बाद अंकुर न आने की शिकायत पर उठाया कदम

* किसानों से किया संवाद, कंपनी से नुकसान भरपाई का आश्वासन
तिवसा/दि.11– बुआई किये हुए बीज के अंकुर न आने की शिकायत की पृष्टभूमि पर शुक्रवार 10 जुलाई को तिवसा क्षेत्र के खेतों में जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने पहुंचकर वहां का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद करते हुए कंपनी से नुकसान भरपाई दिलवाने का आश्वासन दिया.
इस अवसर पर उपविभागीय अधिकारी दादासाहब दराडे, तहसीलदार डॉ. मयूर कलसे, तहसील कृषि अधिकारी हेमलता इंगले, कृषि सहायक रश्मी आवारे, पुलिस निरीक्षक गोपाल उपाध्ये उपस्थित थे. हर वर्ष अलग-अलग कंपनी के सोयाबीन बीज कृषि केंद्रों से खरीदी कर किसान अपने खेतों में बुआई करते है. लेकिन बुआई किये हुए बीज की उगम क्षमता कम दिखाई देने से किसानों को नकली बीजों से नुकसान हो रहा है. इस वर्ष भी ऐसी ही स्थिति प्रत्येक इलाकों में देखने मिल रही है. तिवसा तहसील में 30 हेक्टेअर के करीब कृषि भूमि पर दोबारा बुआई की नौबत आने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इस कारण अनेक किसानों ने तहसीलदार, कृषि अधिकारी के पास नकली बीज बाबत शिकायत की थी. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने तिवसा के किसान अलसपुरकर के खेत में पहुंचकर निरीक्षण किया. उनके निरीक्षण के कारण राजस्व समेत कृषि विभाग एक्शन मोड पर आने से किसानों को नुकसान भरपाई की आस लगी है.
तिवसा शहर के अशोक नगर गुट नंबर 130 के एसआईआर काम का जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने भेंट देकर कामकाज का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया. इस अवसर पर डोअर टू डोअर जारी मतदाता जांच अभियान की समीक्षा करते हुए मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी के काम की प्रशंसा की. इस अवसर पर मुख्याधिकारी शिवदास मुसले, प्रशासकीय अधिकारी डॉ. रोहण राठोड, अभियंता दयानंद डेहनकर, बीएलओ सुधीर विघ्ने, संजय लढे, संजय वालके आदि कर्मचारी उपस्थित थे.
* सहायता देने का प्रयास
बुआई करने के बाद अंकुश न आने की शिकायत निमित्त तिवसा क्षेत्र के खेतों का जायजा किया गया. सभी खेती के पंचनामे और तहसील की संपूर्ण रिपोर्ट तैयार करने की सूचना दी गई है. बीज कंपनी के जरिए किसानों को अधिक से अधिक सहायता उपलब्ध कर देने का प्रयास रहेगा.
– आशीष येरेकर,
जिलाधिकारी, अमरावती.





