महिलाओं को पर्यटन व्यवसाय के लिए 15 लाख रुपये तक ब्याजमुक्त कर्ज

‘आई’ योजना को मिल रहा अच्छा प्रतिसाद

अमरावती /दि.16– महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और पर्यटन क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र पर्यटन विभाग द्वारा संचालित ‘आई’ योजना को जिले में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है. इस योजना के तहत महिला उद्यमियों को पर्यटन से जुड़े व्यवसाय शुरू करने के लिए 15 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त कर्ज उपलब्ध कराया जा रहा है. यह योजना वर्ष 2023 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र की पर्यटन नीति के अंतर्गत शुरू की गई थी. योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना और राज्य में पर्यटन उद्योग को प्रोत्साहन देना है.
* किन व्यवसायों के लिए मिलेगा कर्ज?
इस योजना के तहत महिलाएं होमस्टे, पर्यटक आवास, पर्यटन सुविधाएं, हस्तशिल्प केंद्र, स्थानीय भोजन पर आधारित रेस्तरां या ढाबे, टूर एंड ट्रैवल एजेंसी तथा पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसाय शुरू करने के लिए कर्ज प्राप्त कर सकती हैं.
* कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक महिला महाराष्ट्र की निवासी होनी चाहिए तथा उसकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए. व्यक्तिगत महिला उद्यमी, महिलाओं की साझेदारी फर्म और महिला स्वयं सहायता समूह आवेदन के पात्र हैं. संबंधित पर्यटन व्यवसाय का पर्यटन संचालनालय में पंजीकरण होना आवश्यक है.
* ब्याज का पूरा भार सरकार उठाएगी
योजना के अंतर्गत बैंक महिलाओं को 15 लाख रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराते हैं. इस कर्ज पर लगने वाले ब्याज का पूरा भुगतान राज्य सरकार करती है, जिससे लाभार्थियों को ब्याजमुक्त कर्ज मिलता है.
* ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
इच्छुक महिलाएं पर्यटन संचालनालय की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह योजना महिलाओं को उद्यमी बनने का अवसर देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और पर्यटन विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण राउत ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और पर्यटन क्षेत्र के विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.

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