भेड़पालकों ने मांगों को लेकर निकाला मोर्चा
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

अमरावती/दि.16 – विभिन्न लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को जिले के भेड़पालक एवं चरवाहा समुदाय के लोगों ने इर्विन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक मोर्चा निकाला. प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और शीघ्र कार्रवाई की मांग की.
ज्ञापन में कहा गया कि महाराष्ट्र का चरवाहा समुदाय वर्षों से वन विभाग, पशुपालन विभाग और अन्य सरकारी विभागों से संबंधित अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है. बार-बार मांगें उठाने के बावजूद अब तक उनका समाधान नहीं किया गया है. इसलिए समुदाय ने 16 जुलाई से अनिश्चितकालीन अन्नत्याग आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है. भेड़पालकों ने अपनी प्रमुख मांगों में जंगलों में पारंपरिक रूप से भेड़-बकरियां चराने वाले चरवाहों को बिना कारण रोके जाने और उनके खिलाफ कार्रवाई बंद करने, वन विभाग द्वारा दर्ज कथित गलत प्रकरणों की समीक्षा कर न्याय देने, चराई मार्ग, पेयजल एवं अस्थायी निवास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की.
इसके अलावा पशुपालन विभाग के माध्यम से भेड़-बकरियों का नियमित टीकाकरण, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और दवाओं की व्यवस्था, पशुपालकों के लिए अलग कल्याणकारी योजना, आर्थिक सहायता एवं बीमा सुविधा, खानाबदोश चरवाहों के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा, शिक्षा व सरकारी नौकरियों में आरक्षण, स्वतंत्र चरवाहा विकास निगम की स्थापना तथा महामारी, प्राकृतिक आपदा, जंगली जानवरों के हमले या अन्य कारणों से भेड़ों की मौत होने पर तत्काल जांच कर उचित मुआवजा देने की मांग भी शामिल है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. इस अवसर पर चरवाहा समाज के प्रतिनिधि डॉ. अर्जुन नामदेवराव महानर सहित बड़ी संख्या में भेड़पालक और समाज के लोग मोर्चे में शामिल हुए. ज्ञापन स्वीकार करते हुए जिला प्रशासन ने मांगों पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया.