अमरावती केवल नाम के लिए बदनाम, अकोला है गुटखे का सबसे बडा अड्डा

दो कारखानों पर पडे छापे में डेढ करोड से अधिक रूपयों का प्रतिबंधित माल जब्त

* मुख्य मास्टरमाईंड गौरव शर्मा फरार, शर्मा सहित कुल 13 के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज
* एफडीए की शिकायत पर एमआयडीसी पुलिस थाने में दो स्वतंत्र एफआयआर दर्ज
* दोनों मामलों की चल रही सघन पडताल, गुटखा विक्री के संपर्क सूत्र तलाशे जा रहे
* एमआयडीसी और ग्रोथ सेंटर में चल रहा था अवैध कारोबार, पान मसाला-गुटखा बनाने की मशीनें, कच्चा माल और तैयार माल हुआ था बरामद
अमरावती/अकोला/दि.17- अब तक प्रतिबंधित गुटखे की तस्करी व बिक्री सहित अवैध रूप से गुटखा उत्पादन करने के मामले में अमरावती शहर सहित जिले के नाम ही कथित तौर पर बदनाम हुआ करता था. लेकिन गतरोज एफडीए द्वारा पुलिस विभाग की सहायता लेते हुए अकोला के एमआयडीसी परिसर में एक के बाद एक की गई दो छापामार कार्रवाईयों को देखते हुए कहा जा सकता है कि, अमरावती तो केवल नाम के लिए ही बदनाम था, जबकि असल काम तो अकोला से हो रहा था. क्योंकि गतरोज एफडीए द्वारा की गई कार्रवाई के चलते अकोला में दो जगहों पर नकली गुटखा बनानेवाले कारखानों की जानकारी उजागर होने के साथ ही इस छापामारी में लगभग डेढ करोड रूपये से अधिक मूल्य का प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला, कच्चा माल तथा उत्पादन हेतु प्रयोग में लायी जानेवाली मशिनें जब्त की गई. अकोला में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला निर्माण के खिलाफ अन्न एवं औषध प्रशासन (एफडीए) तथा स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी करने के साथ ही नकली गुटखे के उत्पादन का कारोबार करनेवाले मुख्य मास्टरमाईंड गौरव शर्मा सहित कुल 14 लोेगों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज किए है. जिसमें से मुख्य मास्टरमाईंड गौरव शर्मा फिलहाल फरार बताया जा रहा है. दोनों मामलों की सघन जांच पडताल करते हुए अब एफडीए द्वारा पुलिस विभाग की सहायता लेते हुए अकोला से पूरे विदर्भ क्षेत्र में होनेवाली गुटखे की आपूर्ति और बिक्री के लिए कार्यरत नेटवर्क को खंगाला जा रहा है. जिसके तहत इस नेटवर्क में शामिल गुटखा तस्करों व गुटखा माफीयाओं की अब सरगर्मी से तलाश की जा रही है.
* पहला छापा – ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोदाम से 27.51 लाख का माल जब्त
अन्न सुरक्षा अधिकारी रविंद्र द्वारकादास सोलंखे की शिकायत के अनुसार 16 जुलाई की शाम स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक नितिन लेवरकर से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर एफडीए और पुलिस की संयुक्त टीम ने प्लॉट नंबर 1123, ट्रांसपोर्ट नगर, एमआयडीसी फेज-3, अकोला स्थित एक गोदाम पर छापा मारा. गोदाम में प्रवेश करने पर वहां अशोक केदारमल शर्मा (60) और अजय लक्ष्मण जुजालेकर (24) कामकाज संभालते मिले. तलाशी के दौरान विभिन्न कंपनियों के पैकबंद गुटखा, पान मसाला, सुपारी, तंबाकू, कत्था पाउडर, मैग्नीशियम कार्बोनेट, पैकिंग सामग्री, पाउचिंग मशीन, ब्लेंडिंग मशीन और सीलिंग मशीन बरामद हुईं. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह पूरा कारोबार गौरव अशोक शर्मा संचालित करता है. जांच में लगभग 27.51 लाख रुपये मूल्य का प्रतिबंधित माल और उपकरण पाए गए. किसी भी प्रकार के वैध बिल या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके. अधिकारियों ने नमूने लेकर शेष माल और मशीनों को सील कर दिया.
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस परिसर में यह अवैध इकाई चल रही थी, उसका मालिक अभिषेक गजानन गई है. इस मामले में गौरव शर्मा, अशोक शर्मा, अजय जुजालेकर, अभिषेक गई तथा संबंधित उत्पादक कंपनी के खिलाफ अन्न सुरक्षा एवं मानक अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है.
* दूसरा छापा – ग्रोथ सेंटर में मिला गुटखा निर्माण का बड़ा कारखाना
गत रोज ही अन्न सुरक्षा अधिकारी किशोर हरिभाऊ बोरचाटे को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर एफडीए अधिकारियों ने एमआयडीसी पुलिस के साथ प्लॉट क्रमांक एएन 71, अकोला ग्रोथ सेंटर, एमआयडीसी में छापा मारा. यहां एक बड़े आरसीसी गोदाम में गुटखा और पान मसाला निर्माण का संगठित कारखाना संचालित पाया गया. मौके पर अक्षय घसिटा यादव (19), राहुल करणसी यादव (19) और रोहित राजेश धुर्वे (17) काम करते मिले. पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे मजदूर हैं और पूरा कारोबार गौरव अशोक शर्मा के निर्देश पर चलता है. छापे के दौरान विभिन्न ब्रांडों के पैकबंद पान मसाला, गुटखा, सुपारी, तंबाकू, प्रीमिक्स, कत्था पाउडर, मैग्नीशियम कार्बोनेट, पैकिंग रोल, खाली पाउच, पाउचिंग मशीन, ब्लेंडिंग मशीन तथा अन्य उपकरण बरामद किए गए. जांच में यहां से 1 करोड़ 23 लाख 14 हजार 480 रुपये मूल्य का प्रतिबंधित माल और मशीनरी जब्त की गई. जब्त माल को सुरक्षित रखने के लिए एमआयडीसी पुलिस थाने में पर्याप्त स्थान नहीं होने के कारण उसे एक निजी गोदाम में रखकर सीलबंद किया गया. साथ ही जिस परिसर में उत्पादन चल रहा था, उसे भी सील कर दिया गया.
* दोनों मामलों में गौरव शर्मा का नाम आया सामने
दोनों छापों की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह रही कि दोनों स्थानों पर मौजूद लोगों ने कारोबार का संचालक गौरव अशोक शर्मा को बताया. अधिकारियों ने उसे मोबाइल पर संपर्क कर मौके पर बुलाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह नहीं पहुंचा और फिलहाल फरार है. जांच एजेंसियों का मानना है कि गौरव शर्मा अकोला में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला निर्माण एवं वितरण के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था. दोनों स्थानों से बरामद सामग्री और मशीनों से संकेत मिलता है कि यहां बड़े पैमाने पर उत्पादन कर विभिन्न जिलों में सप्लाई की जा रही थी.
* कई ब्रांडों और आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका भी जांच के दायरे में
एफडीए ने अपनी शिकायत में विभिन्न पान मसाला ब्रांडों के लेबल पर अंकित निर्माताओं तथा कच्चा माल और पैकिंग सामग्री उपलब्ध कराने वाले आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका की भी जांच की मांग की है. अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण और वितरण श्रृंखला में कौन-कौन लोग शामिल थे.
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र में गुटखा, सुगंधित तंबाकू और इससे संबंधित कई उत्पादों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर प्रतिबंध लागू है. इसके बावजूद अवैध रूप से बड़े पैमाने पर निर्माण किया जा रहा था. ऐसे पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माने जाते हैं. दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ अन्न सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 59, खाद्य सुरक्षा आयुक्त के प्रतिबंध आदेशों के उल्लंघन तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 123, 223, 274 और 275 सहित अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस और अन्न एवं औषध प्रशासन की टीमें अब फरार मुख्य आरोपी गौरव अशोक शर्मा तथा पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई हैं. अधिकारियों का दावा है कि जांच आगे बढ़ने पर इस अवैध कारोबार से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं.

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