ट्रक चालक को बंधक बनाकर जिंदा जलाया!
चिखलसावंगी के पास जले ट्रक से मिला शव

* टायर लूट के बाद हत्या की आशंका
अमरावती/मोर्शी/दि.17- अमरावती जिले के मोर्शी थाना क्षेत्र अंतर्गत चिखलसावंगी के पास जले हुए ट्रक के केबिन से चालक का शव मिलने के मामले ने अब सनसनीखेज मोड़ ले लिया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चंद्रपुर निवासी ट्रक चालक उमेश गौरीशंकर मिश्रा (म्हाडा कॉलनी, एमआईडीसी, चंद्रपुर) को पहले बंधक बनाया गया, फिर उनके ट्रक के नए टायर निकालकर उनकी जगह पुराने टायर लगाए गए और बाद में उन्हें ट्रक के केबिन में जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया गया. पुलिस ने अब इस मामले में हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर दो अज्ञात आरोपियों की तलाश तेज कर दी है.
* जले ट्रक से मिला था शव
जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 11 बजे मोर्शी पुलिस को सूचना मिली कि चिखलसावंगी यात्री आश्रय स्थल के पास खड़े ट्रक क्रमांक एमएच-29/टी-2903 के केबिन में आग लगी हुई है. सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा आग पर काबू पाया. उस समय आग लगने की घटना को सामान्य मानकर जांच शुरू की गई थी. लेकिन गुरुवार सुबह ट्रक से तेज दुर्गंध आने पर पुलिस को दोबारा सूचना दी गई. इसके बाद केबिन की गहन तलाशी लेने पर अंदर से पूरी तरह जला हुआ शव बरामद हुआ. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई.
जांच के दौरान शव की पहचान चंद्रपुर निवासी उमेश गौरीशंकर मिश्रा के रूप में हुई. उमेश मिश्रा पेशे से ट्रक चालक थे और चंद्रपुर से गुजरात के बीच मालवाहक ट्रक लेकर नियमित रूप से आना-जाना करते थे. परिजनों ने पुलिस को बताया कि उमेश 1 जुलाई को नागपुर से माल लेकर गुजरात गए थे. वहां माल उतारने के बाद उन्होंने नागपुर के लिए दूसरा माल लोड किया था. वे 14 जुलाई को वापस लौटे थे. इसी दौरान उनका संपर्क टूट गया था.
* जीपीएस बंद होने से बढ़ा संदेह
परिजनों के अनुसार ट्रक का जीपीएस सिस्टम 14 जुलाई से बंद हो गया था. इससे उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई. बाद में ट्रक में आग लगने और चालक के लापता होने की जानकारी मिलने पर परिवार के सदस्य मोर्शी पहुंचे. जांच में सामने आया कि गुजरात से लौटते समय दो संदिग्ध व्यक्ति एक आयशर ट्रक में सवार होकर उमेश मिश्रा का पीछा कर रहे थे. पुलिस इस एंगल की गंभीरता से जांच कर रही है.
* वाली में रोका, बनाया बंधक
प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपियों ने वाली क्षेत्र में उमेश मिश्रा को रोक लिया. इसके बाद उन्हें उनके ही ट्रक के केबिन में बंधक बनाकर ठूंस दिया गया. पुलिस को संदेह है कि आरोपी पहले से ही ट्रक के नए टायरों पर नजर रखे हुए थे. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने उमेश के 12 पहिया ट्रक में लगे नए टायर निकालकर उनकी जगह आयशर ट्रक के पुराने टायर लगा दिए. इससे यह मामला केवल हत्या ही नहीं बल्कि सुनियोजित लूट का भी प्रतीत हो रहा है.
* चिखलसावंगी में रची गई मौत की साजिश
टायरों की अदला-बदली करने के बाद आरोपी उमेश मिश्रा को बंधक अवस्था में ही ट्रक में लेकर चिखलसावंगी क्षेत्र में पहुंचे. वहां सुनसान स्थान देखकर ट्रक के केबिन में आग लगा दी गई. जांच में आशंका व्यक्त की जा रही है कि उस समय उमेश मिश्रा सीट के नीचे बंधक अवस्था में पड़े हुए थे और बाहर निकलने में असमर्थ थे. आग की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. पुलिस का मानना है कि हत्या के बाद पहचान और अन्य साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से ट्रक में आग लगाई गई.
* आकस्मिक मौत से हत्या तक पहुंची जांच
शुरुआत में मोर्शी पुलिस ने मामले को आकस्मिक मौत मानकर जांच शुरू की थी. हालांकि शव की शिनाख्त, घटनास्थल से मिले सबूत, परिजनों के बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के बाद मामला हत्या में तब्दील हो गया. मृतक के पुत्र की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या, अपहरण, लूट तथा साक्ष्य नष्ट करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है.
* वरिष्ठ अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की गंभीरता को देखते हुए उपविभागीय पुलिस अधिकारी उमेश पाटिल, मोर्शी थाना प्रभारी राहुल आठवले तथा अमरावती स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक अशोक लांडे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने भी मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं. पुलिस अब विभिन्न टोल नाकों, सीसीटीवी कैमरों, मोबाइल लोकेशन और ट्रक की आवाजाही से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है. दोनों अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं.
* कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
इस सनसनीखेज वारदात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या आरोपियों का उद्देश्य केवल नए टायरों की लूट था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश भी थी? क्या आरोपी पहले से उमेश मिश्रा की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे? जीपीएस बंद होने के पीछे किसका हाथ था? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे. फिलहाल चंद्रपुर और अमरावती जिले में इस निर्मम हत्याकांड की चर्चा है. ट्रक चालक को बंधक बनाकर जिंदा जलाने की इस वारदात ने मालवाहक वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है. पुलिस का दावा है कि तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिलेगी.





