जिप पंचायत विभाग का लचर कारभार, शिवर बु. के सरपंच पर नहीं की कार्रवाई
ग्रापं प्रशासक समिति सदस्य पंकज कदम ने की शिकायत

दर्यापुर /दि.24- तहसील अंतर्गत शिवर बु. ग्राम पंचायत की सरपंच मंगला माणिकराव देशमुख के खिलाफ मुुंबई ग्रामपंचायत अधिनियम 1958 की धारा 39 (1) अंतर्गत कार्रवाई नहीं किये जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासकीय समिति सदस्य पंकज सुभाषराव कदम ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा संभागीय आयुक्त को लिखित शिकायत दी है.
* क्या है प्रकरण?
कदम द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार शिवर बु. की सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कर्तव्य में कोताही बरती. जिसकी वजह से वह धारा 39 (1) के अनुसार सजा व पद से हटाये जाने के लिए पात्र है. इस संदर्भ में गट विकास अधिकारी पंचायत समिति दर्यापुर में सभी सबूतों के साथ 19 जनवरी 2026 को पत्र क्रमांक 157 के अनुसार मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिप को प्रस्ताव प्रस्तुत किया था. उसके पश्चात शिकायतकर्ता कदम ने 16 मार्च 2026 को मुख्य कार्यकारी अधिकारी, संभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन दिया था. उस पर संभागीय आयुक्त कार्यालय का पत्र 22 मार्च 2026 को और जिलाधिकारी का पत्र 16 मार्च 2026 ऐसे दो पत्र मुख्याधिकारी कार्यालय को प्राप्त हुए थे. उसके बावजूद भी कार्रवाई नहीं किये जाने पर 24 अप्रैल को कदम ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को स्मरण पत्र दिया और फोन पर उनसे संपर्क भी किया. लेकिन अब तक भी कार्रवाई नहीं किये जाने का आरोप उन्होंने अपनी शिकायत में लगाया है.
* पत्र को कचरे की टोकरी दिखाई
8 जून को मुख्य कार्यकारी अधिकारी को दिये गये पत्र में कदम ने कहा कि, रिपोर्ट देकर 6 महीने और पत्र देकर तीन महीने बीत जाने के बाद भी संभागीय आयुक्त व जिलाधिकारी ने पत्र को कचरे की टोकरी दिखाई तत्काल जानकारी देकर कार्रवाई करें.
* संभागीय आयुक्त से दो प्रमुख मांग
इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कदम ने संभागीय आयुक्त से 8 जून को शिकायत कर दो मांग की है.
1. मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इस प्रकरण में ली गई भूमिका पर कार्रवाई न किये जाने पर उसके कारण की जांच की जाये.
2. सरपंच द्वारा किये गये अपने पद के दुरुपयोग को लेकर उस पर धारा 39 (1) के अनुसार अपात्रता की कार्रवाई कर उसे पद से हटाया जायेे और प्रशासक की नियुक्ति कर सरपंच पर फौजदारी का अपराध दर्ज किया जाये.
इस प्रकरण की वजह से ग्रामपंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह उपस्थित हुआ है. संभागीय आयुक्त इस पर कौनसा निर्णय लेते है, इस ओर सभी ग्रामवासियों की निगाहें लगी हुई है.