‘ज्ञान माऊली’ के जरिए संत ज्ञानेश्वर के विचारों की जागर
संत ज्ञानेश्वर की 750वीं जयंती वर्ष के अवसर पर

* अमरावती संभाग के सभी तहसीलों में एक साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम
अमरावती/दि.24- संत ज्ञानेश्वर माऊली की 750वीं जयंती वर्ष के अवसर पर महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्य संचालनालय, मुंबई की ओर से अमरावती संभाग के अमरावती, बुलढाणा, अकोला, वाशिम और यवतमाल जिलों के सभी तहसीलों में एक साथ तहसीलस्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसी क्रम में ‘ज्ञान माऊली’ नामक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम रविवार 23 अगस्त को शाम 6.30 बजे सभी तहसीलों में आयोजित होगा.
संत ज्ञानेश्वर महाराज ने अपनी अद्भुत साहित्य रचनाओं, आध्यात्मिक विचारों और समाज प्रबोधन के माध्यम से महाराष्ट्र के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जीवन पर अमिट छाप छोड़ी. ‘ज्ञानेश्वरी’ और ‘अमृतानुभव’ जैसे ग्रंथों के माध्यम से उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान को आम जनता तक पहुंचाया. उनके समतावादी, मानवतावादी और भक्तिमार्ग के विचार आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं. ‘ज्ञान माऊली’ कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को संत ज्ञानेश्वर के जीवनकार्य, आध्यात्मिक विचारों और संत परंपरा में उनके योगदान से परिचित कराना है. कार्यक्रम के माध्यम से संत ज्ञानेश्वर के जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों, संत विचारों, भक्ति परंपरा तथा महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की जाएगी.
संत ज्ञानेश्वर की 750वीं जयंती वर्ष के अवसर पर राज्यभर में विभिन्न आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. संत परंपरा की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना, संतों के विचारों का संरक्षण एवं संवर्धन करना और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है. अमरावती संभाग के सभी तालुकों में एक ही समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को संत ज्ञानेश्वर के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विचारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा.
यह सांस्कृतिक उपक्रम सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री एड. आशीष शेलार की संकल्पना तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है. ‘ज्ञान माऊली’ कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क रहेगा. सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के संचालक प्रशांत खेडेकर ने अमरावती संभाग के अमरावती, बुलढाणा, अकोला, वाशिम और यवतमाल जिलों के नागरिकों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर संत ज्ञानेश्वर माऊली के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विचारों का अनुभव लेने की अपील की है.





