किसानों को कर्ज हेतु नहीं आना पडा अध्यक्ष के पास
राज्य शासन की सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तत्पर

* चार गुना अधिक राशि का वितरण
* जिला मध्यवर्ती बैंक अध्यक्ष बच्चू कडू का दावा
* घंटेभर में निपटी 64 वीं वार्षिक आमसभा
अमरावती/दि.1 – अमरावती जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक का अध्यक्ष पद स्वीकार करने पर देखा कि, बैंक की आर्थिक दशा कमजोर हो रखी है. पहले बैंक से फसल कर्ज सहित लोन के लिए अध्यक्ष के पास गुहार लगानी पडती थी. अब ऐसा नहीं है. बैंक की आर्थिक घडी सुधारने के साथ अब इसे पश्चिम विदर्भ में नंबर वन सहकारी बैंक बनाना है. बैंक के 27 हजार सभासदों को कर्जमाफी का लाभ मिलने का दावा भी अध्यक्ष ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू ने किया. वे जिला बैंक की 64 वीं वार्षिक सर्वसाधारण सभा की अध्यक्षता कर रहे थे. आज दोपहर सांस्कृतिक भवन में हुई आमसभा में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष अभिजीत ढेपे, आनंद काले, सुधाकर भारसाकले, प्रकाश कालबांडे, चित्रा डहाने, अजय मेहकरे, जयप्रकाश पटेल, दयाराम काले, हरिभाऊ मोहोड, रवींद्र गायगोले, सुरेखा ठाकरे, नरेशचंद्र ठाकरे, सुनील वर्हाडे आदि संचालकों सहित सैकडों की संख्या में सभासद मौजूद थे. सभा में सभी प्रस्ताव मान्य किए गए.
* 700 करोड के ऋण बांटे
अध्यक्ष बच्चू कडू ने दावा किया कि, उन्होंने केवल 7 संचालकों के साथ मिलकर बैंक का कामकाज न केवल सुचारु किया, बल्कि 2019 में जहां बैंक से केवल 150 करोड के लोन किसानों को दिए जाते थे, उसी प्रकार सभासद रहने पर भी किसानों को लोन दिलाने सांसद और विधायकों को आंदोलन करने की नौबत आती थी. वहीं आज परिस्थिति बदल गई है. आज बैंक ने 700 करोड के कर्ज का वितरण किसानों को किया है.
* बनाना है नंबर वन
विधायक और बैंक अध्यक्ष बच्चू कडू ने अनेकानेक उपलब्धियों को आमसभा में रखा. उन्होंने दवा किया कि, किसान हित में काम करते हुए बैंक आगामी दिनों में नई तकनीक और व्यवस्था का अवलंब करेगी. उन्होंने सभी के सहयोग से अमरावती बैंक को पश्चिम विदर्भ में एक नंबर की सहकारी संस्था बनाना है, ऐसा कहा. उनकी इस बात पर सभागार तालियों से गूंज उठा. बच्चू कडू ने दावा किया कि, राज्य शासन की कर्जमाफी योजना का भी अमरावती जिला बैंक के 27 हजार से अधिक सभासदों को लाभ प्राप्त हुआ है. शासन ने दो लाख रुपए तक कर्ज फेड दिए हैं. कडू ने दावा किया कि, आर्थिक दूर्दशा के दौर से बैंक को बाहर निकाल उन्होंने न केवल किसानों, सामान्य व्यापारियों को अधिक मदद की. बल्कि अधिकारी और कर्मचारियों के भी पगार बढाए.
* 7 से पहुंचे 11 पर
संचालक मंडल में सत्ता पक्ष की ओर केवल 7 संचालक थे. इसके बावजूद कामकाज सुचारु रखा गया और बैंक तथा खातेधारकों के हित में सकारात्मक निर्णय लेते गए. आज सुधाकर भारसाकले और अन्य संचालक सत्ता पक्ष के फेवर में आ गए हैं. 7 से बढकर संख्या 11 हो गई है. उन्होंने सदन को बताया कि, राज्य शासन द्वार घोषित 1-1 योजना छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले सभी का फायदा जिला बैंक के सभासदों को दिलाया जाएगा. उन्होंने नोट बंदी के समय जिला बैंक के 3 करोड के पुराने नोट रिजर्व बैंक द्वारा अस्वीकार किए जाने के विषय में सर्वोच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल किए जाने और बैंक के फेवर में डिसीजन आने का दावा किया.
संचालक सुरेखा ठाकरे ने जिले के किसानों की मदद हेतु प्रस्ताव पारित करने का विषय रखा. किंतु सभा ने इस विषय को मंजूरी नहीं दी थी. ठाकरे का कहना था कि, जिले में सोयाबीन, फूल और फल्ली के स्तर तक आ गया है. किंतु आनेवाले 8 दिनों में बरसात न हुई, तो फसल चौपट हो सकती है. इसलिए जिला बैंक द्वारा किसान हित में प्रस्ताव पारित होना चाहिए. चुनाव से पहले यह अंतिम आमसभा होने के निर्णय आवश्यक है. बडे ही हंसी-खुशी के माहौल में वार्षिक आमसभा संपन्न होने का दावा किया गया. कई विषय और प्रस्ताव ध्वनिमत से मंजूर किए गए.





