वर्धा में बाघों की दहशत!
किसान की जान गई, मोर्शी की ओर बढी मादा बाघ

* 70 वन कर्मी जुटे बाघिन को पकड़ने में, नियम बन रहे रोड़ा
वर्धा /दि.1- आर्वी क्षेत्र के तलेगांव और आष्टी परिसर में बाघों की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. एक हमलावर बाघिन के हमले में किसान की मौत के बाद क्षेत्र में भय और बढ़ गया है. वन विभाग के करीब 70 अधिकारी और कर्मचारी बाघिन तथा उसके साथ घूम रहे तीन शावकों की लगातार निगरानी कर रहे हैं. हालांकि, बाघिन को पकड़ने में वन विभाग के सामने नियमों की अड़चन आ रही है. बाघिन के मोर्शी की ओर बढ जाने का अनुमान बताया जा रहा है.
* बाघों के झुंड ने मचाया आतंक
तलेगांव और आष्टी क्षेत्र में एक बाघिन और दूसरी बाघिन के साथ उसके तीन बड़े हो रहे शावकों की मौजूदगी सामने आई है. इस दौरान मवेशियों के शिकार की घटनाएं भी सामने आई हैं. अब इन बाघों की आवाजाही सड़क और मानव बस्तियों के आसपास भी दिखाई देने लगी है. 17 अगस्त को तलेगांव क्षेत्र में एक बाघिन के हमले में किसान की मौत हो गई थी. इसके बाद कुछ दिनों तक बाघिन दिखाई नहीं दी. लेकिन 27 अगस्त को एक और हमले के बाद उसकी मौजूदगी फिर चर्चा में आ गई.
* बाघिन के मोर्शी की ओर बढ़ने के संकेत
वन विभाग को बाघिन के पैरों के निशान मोर्शी की दिशा में मिलने की जानकारी है. 27 अगस्त का हमला अमरावती वन क्षेत्र की सीमा में सामने आने के बाद वर्धा वन विभाग ने भी बाघों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है. थार, पोरगव्हाण और चामला क्षेत्र में बाघिन और उसके तीन शावकों की दिन-रात आवाजाही देखी जा रही है. फिलहाल इन शावकों द्वारा किसी इंसान पर हमला किए जाने की जानकारी नहीं है. वन अधिकारियों के अनुसार, सामान्य तौर पर बाघ एक शिकार के बाद कुछ दिनों का अंतर रखते हैं, लेकिन इन शावकों की लगातार सक्रियता चिंता बढ़ा रही है.
* नहीं दिया जा सकता पकड़ने का आदेश
ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए हमलावर बाघिन को पकड़ने की मांग वन विभाग से की गई है. हालांकि, वन विभाग के अनुसार बाघिन फिलहाल अपने प्राकृतिक अधिवास यानी जंगल क्षेत्र में मौजूद है. उसने वर्तमान में गांव क्षेत्र में किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया है. ऐसे में उसे पकड़ने का आदेश देने में नियम आड़े आ रहे हैं. पेंच से मेलघाट तक आर्वी होकर जाने वाला क्षेत्र बाघों के लिए महत्वपूर्ण कॉरिडोर माना जाता है. वन विभाग को आशंका है कि हमलावर बाघिन इसी मार्ग से मेळघाट की दिशा में आगे बढ़ी है. फिलहाल वन विभाग की टीमें बाघिन और उसके परिवार की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं.
* रात की गश्त में बाघिन और शावक दिखाई दिए
वन विभाग की गश्त के दौरान बाघिन और उसके तीन शावकों के दिखाई देने का वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में रात के समय बाघों की आवाजाही नजर आ रही है. इस दृश्य ने क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है.
* मृत किसान के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता
17 अगस्त को नरसिंगपुर में खेत में नागपंचमी की पूजा के लिए गए किसान रामभाऊ उदयभानजी भोयर की बाघ के हमले में मौत हो गई थी. उनके परिवार से विधायक सुमित वानखेडे ने मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की. सरकार की ओर से मंजूर 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक परिवार को सौंपा गया. इस दौरान वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे. विधायक ने परिवार को हमलावर बाघिन के बंदोबस्त का भरोसा दिलाया.





