खुले में शराबखोरी पर पड़ी सीपी राकेश ओला की ‘वक्रदृष्टि’
दहीहांडी कार्यक्रम में जाते समय प्रिया टॉकीज के पीछे दिखा शराबखोरी का अड्डा

* काफिला रुकवाकर दलबल के साथ मारा छापा, शराबियों में मची भगदड
* पानी, ग्लास और चखना उपलब्ध कराने वाला पानठेला संचालक भी मौके से फरार
अमरावती/दि.5 – शहर में सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम शराबखोरी करने वालों के खिलाफ पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने सख्त रुख अपनाते हुए अचानक कार्रवाई की. दहीहांडी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाते समय प्रिया टॉकीज के पीछे बंद पड़े एक मार्केट परिसर में खुलेआम शराब पीते लोगों का जमावड़ा नजर आने पर पुलिस आयुक्त ओला ने तत्काल अपना काफिला रुकवाया और पुलिस दल के साथ मौके पर दबिश दी. पुलिस आयुक्त की अचानक कार्रवाई से मौके पर शराब पी रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस दल को देखते ही कई लोग वहां से भाग निकले. वहीं शराबखोरी के लिए पानी, ग्लास और चखना उपलब्ध कराने वाला पानठेला संचालक भी अपना ठेला बंद कर मौके से फरार हो गया.
* बंद मार्केट में चल रही थी खुलेआम शराबनोशी
जानकारी के अनुसार, प्रिया टॉकीज के पीछे स्थित एक बंद पड़े मार्केट परिसर में कुछ लोग खुलेआम शराब पी रहे थे. यहां शराब पीने वालों के लिए बाकायदा ग्लास और चखने के लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध थी. लोग समूह बनाकर बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे. बताया जाता है कि मार्केट के पास ही स्थित शराब दुकान से शराब खरीदी जाती थी और इसके बाद लोग उसे लेकर इसी परिसर में पहुंचकर खुले में शराब पीते थे. सार्वजनिक स्थान पर चल रही इस गतिविधि को लेकर स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे थे.
* पानठेले पर मिल रहा था ‘पूरा इंतजाम’
मामला केवल शराब पीने तक सीमित नहीं था. मौके के पास स्थित पानठेले से शराब पीने वालों को ठंडा पानी, ग्लास और चखना उपलब्ध कराया जा रहा था. इसके चलते शराब खरीदने वालों के लिए खुले में शराबखोरी का पूरा इंतजाम आसानी से उपलब्ध हो रहा था. प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि शराब की दुकान से बोतल खरीदने के बाद ग्राहक पास के इस स्थान पर बैठकर शराब का सेवन करते थे और पानठेले से जरूरी सामग्री ले लेते थे.
* दहीहांडी कार्यक्रम में जाते समय पड़ी नजर
बताया जाता है कि पुलिस आयुक्त राकेश ओला दहीहांडी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने काफिले के साथ जा रहे थे. इसी दौरान प्रिया टॉकीज के पीछे कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियां उनकी नजर में आईं. माजरा समझ में आने के बाद उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवाया. पुलिस आयुक्त के निर्देश पर पुलिस दल ने बंद पड़े मार्केट परिसर में अचानक दबिश दी. पुलिस को देखते ही वहां शराब पी रहे लोगों में भगदड़ मच गई. कई लोग मौके से निकलकर इधर-उधर भाग गए.
* पुलिस को देखते ही पानठेला भी बंद
कार्रवाई की भनक लगते ही पानठेला संचालक ने भी अपना ठेला बंद कर दिया और वहां से निकल गया. पुलिस की अचानक कार्रवाई से कुछ ही समय पहले तक जहां शराबखोरी का माहौल था, वहां देखते ही देखते सन्नाटा पसर गया. पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने तथा शराबखोरी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की.
* सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी पर लगाम लगाने का संकेत
पुलिस आयुक्त की इस अचानक कार्रवाई को शहर में सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली शराबखोरी के खिलाफ सख्त रुख के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. आमतौर पर शराब की दुकान के आसपास या सुनसान एवं बंद परिसरों में शराब पीने वालों की मौजूदगी से स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से बाजार, सिनेमाघरों, सार्वजनिक मार्गों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के आसपास खुले में शराब पीने की गतिविधियां कानून-व्यवस्था के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक वातावरण के लिए भी समस्या बन सकती हैं.
* सीपी ओला की कार्रवाई से निकला सख्त व स्पष्ट संदेश
पुलिस आयुक्त राकेश ओला द्वारा स्वयं मौके पर रुककर कार्रवाई करने से यह संदेश गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम शराबखोरी को लेकर पुलिस अब केवल शिकायत का इंतजार करने के बजाय मौके पर भी कार्रवाई कर सकती है. दहीहांडी जैसे सार्वजनिक आयोजन के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच पुलिस आयुक्त की इस आकस्मिक कार्रवाई ने खुले में शराब पीने वालों और शराबखोरी को बढ़ावा देने वालों के लिए सख्ती का स्पष्ट संकेत दे दिया है.





