ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर महायुति सरकार पर बरसे वडेट्टीवार
भुजबल को दी आंदोलन की सलाह

नागपुर /दि.5– महाराष्ट्र में ओबीसी समाज के मुद्दों, आरक्षण और शैक्षणिक सुविधाओं को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सरकार में रहते हुए ओबीसी समाज के अधिकारों का नुकसान हो रहा है, इसलिए खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल को अब बयानबाजी छोड़ सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना चाहिए.
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि राज्य में ओबीसी समाज के आरक्षण, विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति और स्वाधार योजना की बकाया राशि को लेकर सरकार गंभीर नहीं है. उन्होंने कहा, कैबिनेट में रहते हुए यदि ओबीसी समाज का नुकसान हो रहा है, तो समाज आपको माफ नहीं करेगा. भुजबल साहब सालों से ओबीसी का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्हें अब सड़कों पर उतरकर आंदोलन का नेतृत्व करना चाहिए, हम उनके साथ खड़े रहेंगे.
शिक्षा मंत्री दादा भुसे के अधिकारों में कटौती पर सवाल स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे के कुछ अधिकार प्रशासनिक अधिकारियों (सचिव और शिक्षा आयुक्त) को सौंपे जाने के फैसले पर वडेट्टीवार ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यदि मंत्री सक्षम हैं तो उन्हें फैसला लेने दें, और यदि वे अक्षम हैं तो उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर देना चाहिए. इस तरह से मंत्रियों के अधिकारों में कटौती करना उनकी कार्यक्षमता पर सवाल खड़ा करता है.
एमपीएससी पेपर लीक – पूरे रैकेट की निष्पक्ष जांच की मांग चझडउ ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक मामले पर वडेट्टीवार ने कहा कि यह धांधली बिना किसी सरकारी तंत्र की मदद के संभव नहीं है. मुख्य आरोपी के घर में मंत्री नरहरी झिरवाल के ओएसडी के किराएदार होने की खबरों पर उन्होंने कहा कि सीधे तौर पर किसी को दोषी ठहराना सही नहीं होगा, लेकिन इसके तार कहां तक जुड़े हैं, इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. केवल एक-दो लोगों को पकड़कर मामला बंद करना गलत है.
गणेशोत्सव में डीजे के लिए ’एक राज्य, एक नीति’ की मांग गणेशोत्सव के दौरान डीजे के उपयोग को लेकर उन्होंने पूरे राज्य में एक समान नीति लागू करने की मांग की. पुणे और नागपुर के पुलिस आयुक्तों द्वारा अलग-अलग फैसले लिए जाने पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शी और एकसूत्रीय प्रशासन होना चाहिए. लेजर लाइट और ध्वनि प्रदूषण से नागरिकों को परेशानी न हो, इसका ध्यान रखते हुए सरकार को स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने दिशा सालियन मामले में जांच पूरी होने से पहले बयानबाजी करने पर सत्ताधारी नेताओं को निशाने पर लिया तथा विश्वास जताया कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महाविकास आघाड़ी के साथ ही मजबूती से बनी रहेगी.





