जिजाऊ बैंक के तीन इस्तीफा दे चुके संचालकों के चुनाव का प्रस्ताव तत्काल भेजने के आदेश
सहकार आयुक्त कार्यालय ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को दिए निर्देश

* संस्थापक अध्यक्ष अविनाश कोठाले ने प्रशासनिक देरी पर उठाए सवाल
अमरावती/दि.5 – जिजाऊ कमर्शियल को-ऑपरेटिव बैंक के तीन संचालकों के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई सीटों पर चुनाव कराने की प्रक्रिया अब आगे बढ़ने की संभावना है. सहकार आयुक्त कार्यालय, पुणे ने बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा है कि तीनों रिक्त पदों पर चुनाव कराने के लिए वस्तुनिष्ठ प्रस्ताव तत्काल जिला सहकारी चुनाव अधिकारी, अमरावती तथा राज्य सहकारी चुनाव प्राधिकरण, पुणे को भेजा जाए. यह निर्देश सहकार आयुक्त कार्यालय के पत्र क्रमांक 1649, दिनांक 11 अगस्त 2026 के माध्यम से दिए गए हैं. मामले को लेकर बैंक के संस्थापक अध्यक्ष इंजी. अविनाश कोठाले ने आरोप लगाया है कि तीनों संचालकों के इस्तीफे की जानकारी अप्रैल में ही संबंधित प्राधिकरण को दिए जाने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव भेजने में विलंब किया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, जिजाऊ बैंक के संचालक बबन आवारे, नितीन डहाके और डॉ. गौरव विधले ने अप्रैल 2026 में अपने पदों से स्वेच्छा से इस्तीफा दिया था. बैंक ने 30 अप्रैल 2026 को इन इस्तीफों के संबंध में सहकार आयुक्त तथा राज्य चुनाव प्राधिकरण, पुणे को लिखित रूप से अवगत कराया था. संस्थापक अध्यक्ष अविनाश कोठाले ने 21 मई 2026 को सहकार मंत्री, सहकार आयुक्त तथा सहकार विभाग के निबंधक को पत्र देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी. कोठाले का कहना है कि बैंक के उपविधियों में संचालक के इस्तीफे को मंजूर करने संबंधी कोई विशेष प्रावधान नहीं है. उनके अनुसार, महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम 1960 एवं नियम 1961 की धारा 74 के तहत संचालक के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट की जानकारी तत्काल राज्य चुनाव प्राधिकरण अथवा चुनाव निर्णय अधिकारी को देना आवश्यक है.
वहीं, कोठाले ने दावा किया कि 5 मई 2026 को हुई संचालक मंडल की बैठक में इन तीनों इस्तीफों को नामंजूर कर दिया गया था. उन्होंने इस निर्णय को नियमों के विपरीत बताते हुए 18 मई को सहकार आयुक्त के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी. इस पूरे घटनाक्रम में संस्थापक अध्यक्ष अविनाश कोठाले के अपने इस्तीफे का मुद्दा भी सामने आया. कोठाले के अनुसार, उन्होंने 2 अप्रैल को 30 अप्रैल से प्रभावी होने वाला अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की सूचना दी थी. हालांकि, सभासदों और भागधारकों द्वारा इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किए जाने के बाद उन्होंने 24 अप्रैल को अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा वापस ले लिया था. उन्होंने सहकार विभाग को इसकी जानकारी देते हुए स्पष्ट किया था कि 30 अप्रैल से प्रभावी होने वाला उनका इस्तीफा उससे पहले ही वापस ले लिया गया था.
बता दे कि, जिजाऊ बैंक की पिछली आम चुनाव प्रक्रिया दिसंबर 2023 में हुई थी. उस चुनाव में संस्थापक अध्यक्ष अविनाश कोठाले तथा संस्थापक उपाध्यक्ष राजेंद्र जाधव के नेतृत्व वाले जिजाऊ सहकार पैनल के दस संचालक निर्वाचित हुए थे, जबकि मराठा सेवा संघ से जुड़े सहकार परिवर्तन पैनल के पांच संचालक चुने गए थे. कोठाले ने अपने पत्राचार में बैंक के भीतर बने राजनीतिक एवं गुटीय समीकरणों का भी उल्लेख किया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
सहकार आयुक्त कार्यालय द्वारा 11 अगस्त को जारी निर्देश में मुख्य कार्यकारी अधिकारी को तीनों रिक्त संचालक पदों के लिए चुनाव कराने संबंधी प्रस्ताव जिला सहकारी चुनाव अधिकारी, अमरावती और राज्य सहकारी चुनाव प्राधिकरण, पुणे को भेजने के निर्देश दिए गए हैं. कोठाले का आरोप है कि इस्तीफा दे चुके तीन संचालक चुनाव नहीं होने के कारण बैंक के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रस्ताव भेजने में टालमटोल कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में 2 सितंबर को फिर से मांग की कि तीनों रिक्त पदों के संबंध में वस्तुनिष्ठ प्रस्ताव तत्काल राज्य चुनाव प्राधिकरण को भेजा जाए.
संस्थापक अध्यक्ष अविनाश कोठाले ने सहकार विभाग से प्रशासनिक प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करने तथा किसी भी कारण से चुनाव प्रक्रिया को लंबित नहीं रखने की मांग की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सहकारी चुनाव प्राधिकरण इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए रिक्त पदों के लिए जल्द चुनाव प्रक्रिया शुरू करेगा. साथ ही उन्होंने इस्तीफा दे चुके संचालकों के बैंक के कामकाज में हस्तक्षेप पर भी रोक लगाने की मांग की है. हालांकि, बैंक के वर्तमान अध्यक्ष बबन आवारे अथवा संबंधित तीनों संचालकों की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष इस जानकारी में सामने नहीं आया है.





