भांबोरा में फिर दिखा बाघ, किसानों और मजदूरों में दहशत
नरभक्षी बाघिन की मौत के बाद मिली राहत ज्यादा देर नहीं टिकी

* चरणदास इखे के खेत के पास फिर हुई बाघ की मौजूदगी
अमरावती/मोर्शी/दि.9- नरभक्षी बाघिन ‘पिंकी’ की मौत के बाद राहत की सांस ले रहे मोर्शी तहसील के ग्रामीणों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है. मंगलवार दोपहर जुना भांबोरा क्षेत्र में एक बाघ दिखाई देने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई. विशेष रूप से यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब हाल ही में इसी क्षेत्र में बाघ के हमले में किसान चरणदास इखे की जान गई थी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1 से 1.30 बजे के बीच किसान मंगेश इखे के खेत में महिला मजदूर खाद डालने का कार्य कर रही थीं. इसी दौरान खेत के समीप स्थित एक कुएं के पास बाघ बैठा दिखाई दिया. बाघ को देखते ही खेत में काम कर रही महिलाओं और अन्य किसानों में अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने शोर मचाया तो बाघ वहां से उठकर पास के नाले की दिशा में चला गया. ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर बाघ देखा गया, वह हाल ही में बाघ के हमले में मारे गए चरणदास इखे के खेत से अधिक दूर नहीं है. इससे लोगों में यह आशंका और बढ़ गई है कि क्षेत्र में अभी भी बाघों की आवाजाही जारी है.
नरभक्षी बाघिन के पकड़े जाने और बाद में उसकी मौत के बाद किसानों ने दोबारा खेतों में काम शुरू किया था, लेकिन ताजा घटना ने उनकी चिंता फिर बढ़ा दी है. कई किसानों ने बताया कि खेतों में काम करने वाली महिलाओं और मजदूरों में भय का माहौल है तथा लोग अकेले खेतों में जाने से बच रहे हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल गश्त बढ़ाने, ट्रैप कैमरे लगाने और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक क्षेत्र में वन विभाग की लगातार निगरानी नहीं बढ़ाई जाती, तब तक किसानों और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहेगा.
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया गया है. ग्रामीणों ने मांग की है कि खेतों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश देने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्र में विशेष निगरानी दल तैनात किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.





