‘वाघिणीला न्याय मिळाला पाहिजे’

वन विभाग कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

* वन्यजीव प्रेमियों ने मुंडवाए सिर
* मोर्शी-चांदुर बाजार की मादा बाघ की मृत्यु पर उठाए सवाल
अमरावती/दि.9 – मोर्शी-चांदुर बाजार परिसर में तीन लोगों का शिकार करने वाली मादा बाघ के वन विभाग के कब्जे में रहते मृत्यु पर अनेक प्रश्न उपस्थित करते हुए वन्यजीव प्रेमियों ने आज दोपहर यहां वन विभाग के कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. निषेध में अपने सिर भी मुंडवाए. उन्होंने वन अधिकारियों पर अनेक और गंभीर आरोप किए. मादा बाघ की संदिग्ध मृत्यु पर क्रोध व्यक्त करते हुए पूरे मामले की जांच और दोषी पर कार्रवाई की मांग इस समय वन्यजीव प्रेमियों ने की.
वैभव बगणे के नेतृत्व में यह आंदोलन हुआ. मोर्शी और चांदुर बाजार में दहशत मचाकर अनेक लोगों की जान लेने वाली मादा बाघ की सोमवार शाम वन विभाग में ही मृत्यु हो गई, जब उसे बेहोश कर आगे उपचार के लिए नागपुर ले जाया जा रहा था. वैभव बगणे ने सवाल उठाया कि, मादा बाघ आखिर कैसे मरी? उसकी मृत्यु के लिए कौनसे अधिकारी जिम्मेदार है? मादा बाघ को बेहोश कर ले जाने में बरती गई लापरवाही के कारण ही उसकी जान चली गई. क्षेत्र एक और बाघ से वंचित हो गया. पहले ही अनेकानेक हादसों में बाघ कालकलवित हो रहे हैं.
वैभव बगणे ने मादा बाघ की संदिग्ध मृत्यु की जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार अधिकारी पर निलंबन की कार्रवाई करने की मांग उठाई है. उन्होंने वन महकमें पर ढिठाई का आरोप किया. अधिकारी वन्यजीव प्रेमियों से मिलने, उनका सामना करने में कन्नी काट रहे हैं. वन्यजीव प्रेमियों के प्रश्नों के उत्तर नहीं दे पा रहे. बगणे ने बताया कि, मादा बाघ को उनकी ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए सिर मुंडवाए जा रहे है. उन्होंने अमरावती के वन महकमे को लापरवाह निरुपित किया.

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