डीजे की आवाज पर लगे लगाम, लेजर लाइट शो पर भी हो प्रतिबंध
त्यौहारों में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए अमरावती के नागरिकों ने जिलाधिकारी से की मांग

अमरावती/दि.9- शहर में सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ही महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि के अवसर पर होने वाले आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने की मांग जोर पकड़ रही है. अमरावतीकर नागरिकों ने जिला कलेक्टर को आवेदन देकर डीजे की निर्धारित ध्वनि सीमा का सख्ती से पालन कराने तथा कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले लेजर लाइट शो पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.
नागरिकों की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया है कि त्योहार और सार्वजनिक कार्यक्रम उत्साह एवं परंपरा के साथ मनाए जाने चाहिए, लेकिन इस दौरान ध्वनि प्रदूषण और तेज रोशनी से आम नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. विशेष रूप से डीजे के अत्यधिक तेज आवाज में बजने से बुजुर्गों, बच्चों, विद्यार्थियों, मरीजों और अन्य नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
* डीजे की आवाज की सीमा का हो सख्ती से पालन
आवेदन में मांग की गई है कि अमरावती शहर में होने वाले सभी सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में डीजे की आवाज निर्धारित सीमा के भीतर रखने के नियमों को सख्ती से लागू किया जाए. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित विभागों के माध्यम से कार्रवाई की जाए, ताकि त्यौहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके.
* लेजर लाइट शो पर भी प्रतिबंध की मांग
नागरिकों ने कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले लेजर लाइट शो पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है. आवेदन में कहा गया है कि तेज लेजर रोशनी के मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ आंखों पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं. इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की रोशनी के इस्तेमाल से होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए प्रशासन को एहतियाती कदम उठाने की आवश्यकता है.
* संबंधित विभागों को निर्देश देने की अपील
अमरावतीकर नागरिकों ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि ध्वनि सीमा और लेजर लाइट के संबंध में लागू नियमों का प्रभावी ढंग से पालन कराने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं. नागरिकों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेगा, ताकि अमरावती शहर को ध्वनि एवं प्रकाश प्रदूषण के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके. ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. प्रकाश मानेकर, प्रदीप पाटिल, आशीष कडू, प्रा. पंकज वैद्य, प्रवीण वासनिक, भाउसाहब सरकटे, धर्मेंद्र भांडारकर, बाबा भाकरे, प्रकाश कलसकर, संतोष देशमुख, नितिन चौधरी, सुनील घटाले समेत अन्यों का समावेश था.





