पार्षद धीरज हिवसे ने उठाए कोणार्क की सफाई व्यवस्था पर सवाल

मनपा आयुक्त से मांगी 13 बिंदुओं पर जानकारी

* 19 से 27 सितंबर तक कई प्रभागों में सफाई व्यवस्था ठप रहने का लगाया आरोप
* वाहनों, जुर्माने और भुगतान का मांगा रिकॉर्ड
अमरावती/दि.2– मनपा के पार्षद धीरज एकनाथराव हिवसे ने शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर कोणार्क कंपनी के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाते हुए मनपा आयुक्त से विस्तृत जानकारी और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है. हिवसे ने आरोप लगाया कि, 19 से 27 सितंबर तक शहर के कई प्रभागों में कंपनी की ओर से सफाई का काम प्रभावित रहा. महालक्ष्मी और गणपति जैसे धार्मिक त्योहारों के दौरान भी सफाई के लिए आवश्यक वाहन और मनुष्यबल उपलब्ध नहीं होने से शहर के विभिन्न हिस्सों में कचरे के ढेर लगे रहे. धीरज हिवसे ने इस संबंध में मनपा आयुक्त को पत्र भेजकर कोणार्क कंपनी के साथ किए गए करार और उसके तहत सफाई व्यवस्था की शर्तों की जानकारी मांगी है.
पत्र में कहा गया है कि, दिसंबर 2025 से अमरावती महानगर पालिका के विभिन्न प्रभागों में सफाई का काम कोणार्क कंपनी को दिया गया है. आरोप है कि, कंपनी के काम में व्यवधान के कारण शहर में कई जगह अस्वच्छता की स्थिति बनी और नागरिकों को परेशानी का सामना करना पडा.
दंड और भुगतान का भी मांगा हिसाब : नगरसेवक ने कोणार्क कंपनी पर अब तक लगाए गए दंड की तारीख, राशि, कारण और वसूल की गई रकम का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है. कंपनी के काम की निगरानी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम तथा उनके द्वारा किए गए निरीक्षण, पंचनामा और वाहन जांच रिपोर्ट की प्रतियां भी मांगी गई है.
सफाई का काम बंद या अधूरा रहने के बावजूद कंपनी को भुगतान किया गया है या नहीं, इसकी जानकारी भी मांगी गई है. यदि भुगतान किया गया है, तो संबंधित अवधि के बिल, मंजूर राशि और वास्तव में अदा की गई राशि का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
आईसीटी मॉनीटरिंग और ईपीएफ-ईएसआईसी का रिकॉर्ड भी मांगा : हिवसे ने कंपनी के कामकाज से संबंधित आईसीटी मॉनीटरिंग डेटा उपलब्ध कराने की मांग की है. इसके साथ ही दिसंबर 2025 से ईपीएफ-ईएसआईसी की ईसीआर कॉपी उपलब्ध कराने तथा यदि यह रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है, तो इस संबंध में कितना दंड लगाया गया, इसकी जानकारी देने को कहा है.
नागरिकों को नियमित सफाई सुविधा देने की मांग : धीरज हिवसे ने कहा कि, नागरिकों को नियमित और प्रभावी सफाई सुविधा मिलना आवश्यक है. कंपनी की कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की कमी के कारण नागरिकों को असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पडे, इसके लिए मनपा प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए.
उन्होंने आयुक्त से मांगी गई सभी जानकारियां और संबंधित दस्तावेज नगरसेवक के रुप में लिखित एवं हस्ताक्षरित प्रतियों के रुप में उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही इस मामले में महानगर पालिका स्तर पर किन अधिकारियों ने निरीक्षण किया और क्या कार्रवाई की, उसका भी पूरा विवरण देने को कहा है.

* बंद वाहनों और प्रभागवार व्यवस्था का मांगा रिकॉर्ड
– हिवसे ने पिछले समय में बंद रहे अथवा प्रत्यक्ष काम पर उपलब्ध नहीं रहे वाहनों की दिनांकवार जानकारी मांगी है. साथ ही कंपनी के कितने वाहन वास्तव में सफाई कार्य में लगाए गए और कितने वाहन बंद रहे, इसकी प्रभागवार जानकारी भी मांगी गई है.
– करार के अनुसार वाहन उपलब्ध नहीं कराने अथवा सफाई का काम बंद या अपर्याप्त रखने पर प्रति दिन 1 लाख रुपए दंड की व्यवस्था होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने अब तक कंपनी पर लगाए गए दंड की पूरी जानकारी मांगी है. जिन मामलों में दंड नहीं लगाया गया, उनमें दंड नहीं लगाने का कारण तथा संबंधित अधिकारियों के निर्णय की प्रतियां भी मांगी गई है.

* आयुक्त से मांगी 13 बिंदुओं पर जानकारी
– नगरसेवक धीरज एकनाथराव हिवसे ने आयुक्त से कोणार्क कंपनी के संबंध उन 13 बिंदुओं पर जानकारी और दस्तावेज मांगे है. इनमें प्रमुख रुप से महानगर पालिका और कंपनी के बीच हुए करार की प्रति तथा सफाई कार्य संबंधी नियम व शर्ते शामिल है.
– इसके अलावा मनपा क्षेत्र में कंपनी को मंजूर सफाई, वाहनों की कुल संख्या, वाहनों के प्रकार और वाहन क्रमांक की भी सूची मांगी गई है. प्रत्येक वाहन की आरसी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में अब तक लगाए गए दंड की जानकारी देने की मांग की गई है.

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