सप्तरंगी हिंदी महोत्सव में हुआ दो पुस्तकों का विमोचन

समाजसेवी लप्पी जाजोदिया का भी किया गया भावपूर्ण सत्कार

अमरावती/दि.3 – विगत चार दशकों से हिंदी भाषा व साहित्य के प्रचार-प्रसार में सक्रिय योगदान दे रही सप्तरंगी हिंदी साहित्य संस्था की ओर से हाल ही में एक दिवसीय हिंदी महोत्सव का आयोजन किया गया था. इस महोत्सव में साहित्यिक गतिविधियों के साथ दो पुस्तकों का समारोह पूर्वक विमोचन किया गया. साथ ही प्रतिष्ठित समाजसेवी चंद्रकुमार उफर्र् लप्पीभैय्या जाजोदिया का भावपूर्ण सत्कार किया गया.
इस अवसर पर राष्ट्रभाषा प्रचार समिति (वर्धा) के प्रधानमंत्री हेमचंद वैद्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. उनके साथ वरिष्ठ साहित्यकार भगवान वैद्य ‘प्रखर’, पुस्तक लेखक डॉ. संजय धोटे, लेखिका रजनी राठी, संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र देवरणकर ‘निर्दोष’ तथा सचिव बरखा शर्मा ‘क्रांति’ मंचासीन थे. कार्यक्रम की शुरुआत सभी अतिथियों के शाल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मान से हुई. इसके बाद श्रीमती रजनी राठी द्वारा लिखित पुस्तक ‘धरोहर’ तथा डॉ. संजय धोटे द्वारा लिखित ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में हिंदी भाषा : वर्तमान संभावनाएं एवं चुनौतियां’ का विमोचन किया गया. श्रीमती रजनी राठी की पुस्तक ‘धरोहर’ की समीक्षा लक्ष्मीकांत खंडेलवाल ने की. वहीं डॉ. संजय धोटे की पुस्तक की समीक्षा वरिष्ठ साहित्यकार भगवान वैद्य ‘प्रखर’ ने की. उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में हिंदी भाषा की संभावनाओं और चुनौतियों को समझने में यह पुस्तक उपयोगी है तथा यह युवाओं को निश्चित रूप से मार्गदर्शन प्रदान करने का काम करेगी.
इस समय संस्था की सचिव बरखा शर्मा ‘क्रांति’ ने कहा कि सप्तरंगी हिंदी साहित्य संस्था निरंतर साहित्यकारों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने तथा उनके साहित्य को मंच उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है और आगे भी करती रहेगी. वहीं संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र देवरणकर ‘निर्दोष’ ने कहा कि भविष्य में संस्था से जुड़े सभी कवियों की कम से कम एक पुस्तक प्रकाशित करने का प्रयास किया जाएगा.
कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन नीलिमा भोजने ‘नीलम’ ने किया. एक दिवसीय हिंदी महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. कार्यक्रम की सफलता का श्रेय अध्यक्ष नरेंद्र देवरणकर ‘निर्दोष’ ने संस्था के सभी सदस्यों की मेहनत, लगन और सहयोग को दिया.

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