कोणार्क कंपनी को ब्लैकलिस्ट कब करेगी मनपा?
अमरावती में कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर उठे सवाल

* 76 कचरा वाहनों को लेकर भी जवाब मांगा
* नगरसेवक संजय हिंगासपुरे ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
अमरावती/दि.6- शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे, गलियों और नालियों में कचरे के ढेर दिखाई देने की शिकायतों के बीच मनपा की कचरा संकलन व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं. इस स्थिति के चलते दुर्गंध, मच्छरों और अस्वच्छता की समस्या बढ़ने तथा नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने का आरोप लगाया गया है.
मनपा नगरसेवक संजय हिंगासपुरे ने कचरा संकलन की जिम्मेदारी संभाल रही कोणार्क कंपनी के कामकाज को लेकर सवाल उठाते हुए कंपनी के खिलाफ जांच और आवश्यक होने पर उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था के लिए मनपा द्वारा बड़ी राशि खर्च किए जाने के बावजूद यदि नागरिकों को नियमित कचरा संकलन की सुविधा नहीं मिल रही है, तो इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.
* 76 कचरा वाहनों का मुद्दा भी उठाया
हिंगासपुरे ने कचरा संकलन के लिए इस्तेमाल होने वाले 76 वाहनों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा कि ये वाहन वर्तमान में कहां हैं, इन्हें कौन ले गया, इनसे संबंधित सेवा क्यों बंद हुई और इस पूरी स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है? उन्होंने कहा कि इन सवालों का स्पष्ट जवाब अमरावती की जनता को मिलना चाहिए. मनपा द्वारा नागरिकों से कर के रूप में प्राप्त राशि से स्वच्छता सेवाओं पर खर्च किया जाता है. ऐसे में नागरिकों को नियमित और प्रभावी कचरा संकलन सेवा मिलना आवश्यक है.
* गलियों और नालियों में कचरे के ढेर
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में समय पर कचरा नहीं उठाए जाने की शिकायतें सामने आने का दावा करते हुए हिंगासपुरे ने कहा कि कई जगहों पर कचरा नालियों तक पहुंच रहा है. नालियों में कचरा जमा होने से जल निकासी प्रभावित हो सकती है और बारिश के दौरान पानी जमा होने का खतरा बढ़ सकता है. उन्होंने मनपा प्रशासन से कहा कि केवल कागजों पर स्वच्छता अभियान चलाने के बजाय शहर की प्रत्येक गली और मोहल्ले में प्रत्यक्ष रूप से स्वच्छता दिखाई देनी चाहिए. कचरा संकलन व्यवस्था की नियमित निगरानी और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करना जरूरी है.
* करदाताओं को सुविधा मिलना जरूरी
हिंगासपुरे ने कहा कि अमरावतीकर नियमित रूप से करों का भुगतान करते हैं और मनपा स्वच्छता व्यवस्था पर निधि खर्च करती है. इसके बावजूद यदि नागरिकों को कचरे की समस्या से जूझना पड़ रहा है, तो यह स्थिति गंभीरता से लेने की जरूरत है. उन्होंने मनपा प्रशासन से कोणार्क कंपनी के कामकाज की तत्काल जांच करने, करार की शर्तों का पालन हुआ या नहीं इसकी पड़ताल करने तथा उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की.
* प्रशासन से छह प्रमुख मांगें
नगरसेवक संजय हिंगासपुरे ने मनपा प्रशासन के सामने प्रमुख रूप से ये मांगें रखी हैं. कोणार्क कंपनी के कामकाज की तत्काल जांच की जाए. करार की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए. आवश्यक होने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाए. कचरा संकलन के लिए इस्तेमाल होने वाले 76 वाहनों की स्थिति और उनके बंद रहने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाए. शहर की सभी गलियों, सड़कों और नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए. कचरा संकलन व्यवस्था को नियमित कर उसकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए.
* ‘जनता को आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए’
हिंगासपुरे ने कहा कि अमरावती शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना मनपा की जिम्मेदारी है. नागरिकों को केवल आश्वासन देने के बजाय जमीन पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए. उन्होंने प्रशासन से कचरा प्रबंधन के पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा कर वस्तुस्थिति जनता के सामने रखने की मांग की. उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाना उनकी जिम्मेदारी है और मनपा प्रशासन को इस मामले में तत्काल कदम उठाकर अमरावतीकरों को स्पष्ट जवाब देना चाहिए.





