सूखे की मार झेल रहे किसानों के खेतों में पहुंचा केंद्रीय दल
यवतमाल में कपास, सोयाबीन और तुअर की फसलों का निरीक्षण

आत्महत्याग्रस्त किसान के परिजनों से भी की मुलाकात, केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
यवतमाल/दि.12 – खरीफ सीजन में बारिश की कमी और फसलों के सूखने से पैदा हुई सूखे जैसी स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार के अंतरमंत्रालयीन दल ने शनिवार को यवतमाल जिले के सूखाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया. केंद्रीय दल ने किसानों के खेतों में पहुंचकर कपास, सोयाबीन और तुअर की फसलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया तथा बारिश में लंबे अंतराल के कारण हुए नुकसान का आकलन किया. इस दौरान किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, आर्थिक कठिनाइयां और मांगें सुनीं. दल ने सूखे के संकट से जूझ रहे किसानों को धैर्य रखने का भरोसा दिलाया.
* राज्य की 265 तहसीलों में सूखे का ट्रिगर-1 लागू
इस वर्ष खरीफ सीजन में बारिश का लंबे समय तक खंड पड़ने से फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है. स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने महाराष्ट्र की 265 तहसीलों में सूखे का ट्रिगर-1 लागू किया है. प्रभावित किसानों को राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार से भी आर्थिक सहायता दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मदद की मांग की थी. इसके बाद सूखे की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने और फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय दल यवतमाल पहुंचा. इस दल में केंद्रीय जल संसाधन विभाग के निगरानी निदेशालय के संचालक एवं दल प्रमुख अर्जेश कुमार मधोक, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सहनिदेशक महेश कुमार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अवर सचिव सीमा रानी तथा ग्रामीण विकास विभाग के अवर सचिव संजय मीना शामिल थे.
* छह गांवों में फसलों का निरीक्षण
केंद्रीय दल ने यवतमाल तहसील के मडकोना और लासिना तथा नेर तहसील के लोणी, मांडवगड, वटफली और दोडकी गांवों का दौरा किया. यहां खेतों में जाकर कपास, सोयाबीन और तुअर की फसलों की स्थिति का निरीक्षण किया गया. दल ने फसलों की वर्तमान स्थिति, बारिश की कमी से हुए नुकसान और खेती के दौरान किसानों को पेश आ रही समस्याओं की जानकारी ली. किसानों से बातचीत कर उनकी परेशानियों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया गया. दौरे के दौरान केंद्रीय दल ने किसानों को सहायता उपलब्ध कराने के मामले में केंद्र सरकार के सकारात्मक रुख का भरोसा दिलाया.
* श्री गौरक्षण गौशाला का भी किया निरीक्षण
केंद्रीय दल ने यवतमाल शहर स्थित श्री गौरक्षण संस्था की गौशाला का भी दौरा किया. इस दौरान गौशाला में गायों की संख्या, उपलब्ध चारे तथा पशुधन के संरक्षण के लिए राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों की जानकारी ली गई. दल के सदस्यों ने गौशाला में गायों को पशु आहार भी खिलाया. सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता और उनके रखरखाव से जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित जानकारी एकत्र की गई.
* लघु सिंचाई परियोजना में जलस्तर का जायजा
दल ने यवतमाल तहसील के किटा कापरा स्थित लघु सिंचाई परियोजना का भी निरीक्षण किया. यहां परियोजना में घटते जलस्तर की स्थिति का जायजा लिया गया. अधिकारियों से उपलब्ध जल भंडार, पानी के स्रोत, भूजल स्तर तथा सिंचाई परियोजनाओं और कुओं में पानी का स्तर बढ़ाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी प्राप्त की गई. सूखे की स्थिति में जल प्रबंधन के महत्व को देखते हुए दल ने सिंचाई व्यवस्था और पानी की उपलब्धता से संबंधित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की.
* आत्महत्याग्रस्त किसान के परिवार से मुलाकात
दौरे के दौरान केंद्रीय दल ने आत्महत्या करने वाले एक किसान के परिजनों से मुलाकात कर उनकी व्यथा सुनी. परिवार के सदस्यों से खेती में आ रही कठिनाइयों, आर्थिक परेशानियों और परिवार के सामने मौजूद समस्याओं की जानकारी ली गई. केंद्रीय दल जिले में फसलों को हुए नुकसान, किसानों की समस्याओं, पशुधन के लिए चारे की उपलब्धता, सिंचाई परियोजनाओं की स्थिति और भूजल स्तर सहित विभिन्न पहलुओं के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा. यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी. इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर सूखा प्रभावित किसानों को केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
* वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ दौरा
केंद्रीय दल के दौरे के दौरान जिलाधिकारी विकास मीना, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे, यवतमाल पाटबंधारे मंडल के अधीक्षक अभियंता योगेश सोनवणे, उपविभागीय अधिकारी गोपाल देशपांडे, विजय सूर्यवंशी सहित भूजल सर्वेक्षण एवं विकास एजेंसी के वरिष्ठ भूवैज्ञानिक, जिला जलसंधारण अधिकारी, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता, पशुसंवर्धन उपायुक्त, तहसीलदार, तालुका कृषि अधिकारी और खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.





