एसआईआर में साढ़े तीन लाख मतदाताओं के नाम कटे, शिकायतें सिर्फ 30 हजार!

अब तक 12,060 आपत्तियों का सत्यापन पूरा

* नए सिरे से नाम जुड़वाने के लिए 19,635 लोगों ने भरा फॉर्म-6
अमरावती /दि.12– मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद तैयार प्रारूप मतदाता सूची से अमरावती जिले में करीब साढ़े तीन लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई है. इनमें से जिन नागरिकों के नाम सूची से गायब हुए हैं, उनसे आपत्तियां दर्ज कराने की अपेक्षा थी. हालांकि, अब तक करीब 30 हजार नागरिकों ने ही शिकायतें दर्ज कराई हैं. नाम कटने वाले मतदाताओं की बड़ी संख्या की तुलना में आपत्तियों का आंकड़ा कम होने से यह मामला चर्चा में है. दूसरी ओर, प्रशासन के सामने मतदाता सूची में दर्ज पुराने पतों पर संबंधित लोगों को तलाशना बड़ी चुनौती बन गया है.
बता दें कि, निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार इस वर्ष मतदाता सूची को नए सिरे से तैयार करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. सामान्यतः हर वर्ष सितंबर से दिसंबर के दौरान मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है, लेकिन इस बार पिछले तीन-चार महीनों से शहर में एसआईआर की प्रक्रिया जारी है. इस दौरान मतदाता सूची में दर्ज पते पर नहीं मिलने वाले लोगों के नाम हटाए गए हैं. प्रशासन अब ऐसे नागरिकों के नाम दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया चला रहा है.
* डेढ़ लाख से अधिक मतदाता दूसरे स्थानों पर चले गए
पुनरीक्षण के दौरान सामने आया है कि पुराने मतदाता सूची में दर्ज डेढ़ लाख से अधिक नागरिक नौकरी और रोजगार के कारण अपने पुराने पते से दूसरे स्थानों पर चले गए हैं. इनमें अपर वर्धा कॉलोनी, कांता नगर और एसआरपीएफ वसाहत जैसे बड़े आवासीय क्षेत्रों के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं. इनमें से अनेक का तबादला होने के बाद उनके स्थान पर नए अधिकारी-कर्मचारी रहने आए हैं. ऐसे नए निवासियों के नाम अब मतदाता सूची में शामिल किए जा रहे हैं. प्रशासन के सामने समस्या यह है कि पुराने पते पर संबंधित मतदाता नहीं मिलने के कारण उनके वर्तमान ठिकाने का पता लगाना कठिन हो रहा है. इसी वजह से नामों के सत्यापन और सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में समय लग रहा है.
* एक लाख से अधिक मतदाताओं की मृत्यु दर्ज
बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) और बूथ स्तर के एजेंटों (बीएलए) के सर्वेक्षण के अनुसार, जिले में करीब एक लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है. बताया जाता है कि इन मतदाताओं के नाम लंबे समय तक मतदाता सूची में बने हुए थे और हर बार पुरानी सूची आगे बढ़ती रही. एसआईआर के दौरान ऐसे नामों को हटाया गया है, जिससे पहले की मतदाता सूची में दर्ज अतिरिक्त नामों की छंटनी हुई है.
* नाम दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया शुरू
एसआईआर के दौरान जिन नागरिकों के नाम कट गए हैं, उनके नाम दोबारा शामिल करने के लिए प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके तहत कुछ लोगों से आवश्यक दस्तावेज लेकर सत्यापन किया जा रहा है, जबकि नए मतदाताओं के लिए निर्धारित फॉर्म-6 भरवाया जा रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाम दोबारा शामिल करने के लिए दर्ज आपत्तियों में से 12,060 का सत्यापन पूरा हो चुका है. वहीं, नए सिरे से नाम दर्ज कराने के लिए अब तक 19,635 लोगों ने फॉर्म-6 जमा किया है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नामों के पुनर्समावेश और नए पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है.
* पात्र मतदाता का नाम नहीं छूटने देने का दावा
निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर के दौरान कुछ पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हों, तो उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर दोबारा शामिल किया जा रहा है. प्रशासन का दावा है कि यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे. इसके लिए आपत्तियों की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और फॉर्म-6 के माध्यम से नए पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है.

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