मोर्शी में कुष्ठरोग के छिपे मरीजों की तलाश के लिए विशेष अभियान
31 अक्टूबर तक छह क्षेत्रों में सर्वेक्षण

2027 तक कुष्ठरोग संक्रमण शून्य करने का लक्ष्य
मोर्शी /दि.13- राष्ट्रीय कुष्ठरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मोर्शी शहर में फोकस लेप्रसी अभियान और संपर्क सर्वेक्षण चलाया जा रहा है. उपजिला अस्पताल मोर्शी के अंतर्गत 16 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में शहर के छह क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जा रहा है. इसका प्रमुख उद्देश्य कुष्ठरोग के छिपे मरीजों की जल्द पहचान करना और संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना है.
इस अभियान में पेठपुरा, गडेघाटपुरा, महाराष्ट्र कॉलोनी, रामजी बाबा नगर, खोलवाटपुरा और फरीद कॉलोनी को शामिल किया गया है. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय कुष्ठरोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2027 तक कुष्ठरोग संक्रमण को शून्य पर लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है. इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है.
* मरीजों के संपर्क में रहने वालों की भी होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक अभियान के दौरान पिछले पांच वर्षों में कुष्ठरोग से पीड़ित पाए गए मरीजों के निकट संपर्क में रहने वाले लोगों की जांच की जा रही है. इसके साथ ही विशेष जोखिम वाले समूहों पर भी ध्यान दिया जा रहा है. इसमें बहुऔषधि उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों (एमबी), बच्चों में कुष्ठरोग के मामलों तथा शारीरिक विकृति वाले ग्रेड-1 और ग्रेड-2 मरीजों से संबंधित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है. अभियान का उद्देश्य बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि रोग के प्रसार को रोका जा सके.
* शुरुआती पहचान से संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने का प्रयास
कुष्ठरोग के मरीजों की समय पर पहचान और उपचार से बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम चयनित क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर रही है. अभियान के माध्यम से ऐसे मरीजों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जिनकी बीमारी अब तक सामने नहीं आई है.
* चिकित्सा अधीक्षक के मार्गदर्शन में अभियान
उपजिला अस्पताल मोर्शी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रमोद पोतदार के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है. इसे सफल बनाने के लिए कुष्ठरोग तकनीशियन नीलकंठ ठवली तथा स्वास्थ्य कर्मचारी विनय शेलूरे, प्रकाश मंगले और प्रशांत बेहरे सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि सर्वेक्षण के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर कुष्ठरोग के मामलों की समय पर पहचान की जाए और वर्ष 2027 तक संक्रमण को शून्य करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं.





