सोनोरी में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ भूख हड़ताल

चौथे दिन भी मांगें पूरी नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी

जिलाधिकारी व एसपी को ज्ञापन सौंपकर स्थायी शराबबंदी की मांग
अमरावती/दि.13 – चांदूर बाजार तहसील के सोनोरी गांव में अवैध शराब की बिक्री और खरीद पर स्थायी रोक लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है. गांव के जागरूक नागरिकों और महिला बचत गटों के समर्थन से 10 अक्टूबर से दो लोगों ने भूख हड़ताल शुरू की है. मंगलवार को आंदोलन के चौथे दिन भी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है. इस संबंध में जिलाधिकारी आशीष येरेकर और जिला पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की गई है.
ज्ञापन में कहा गया है कि सोनोरी गांव में अवैध शराब की बिक्री और खरीद पर पूरी तरह रोक लगाई जाए. संबंधित अधिकारियों की ओर से भविष्य में गांव में अवैध शराब की बिक्री दोबारा शुरू नहीं होने की लिखित गारंटी दी जाए. साथ ही, गांव में शराबबंदी का सूचना फलक लगाया जाए और संबंधित विभागों के माध्यम से अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जाए. ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री का मुद्दा केवल दो आंदोलनकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे गांव के सामाजिक स्वास्थ्य, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और सामाजिक शांति से जुड़ा हुआ है. गांव की महिलाओं और नागरिकों ने भी इस मांग का समर्थन किया है. उनका कहना है कि प्रशासन को ग्रामीणों की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान निकालना चाहिए. ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि भूख हड़ताल लगातार जारी रहने से आंदोलनकारियों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अपेक्षित ठोस कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीणों में असंतोष है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो सभी संबंधित प्रशासनिक कार्यालयों के सामने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
* प्रशासन को जिम्मेदारी तय करने की मांग
आंदोलनकारियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि गांव को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त कराने और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है. ज्ञापन पर सोनोरी गांव के नागरिकों और महिला बचत गटों से जुड़े लोगों के हस्ताक्षर हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई करने की अपील की है. ज्ञापन सौंपने वालों में सूरज वानखडे, छाया वाकोडे, तोषल नव्हाले, योगिता तायडे, राजश्री गणोरकर, अर्चना वानखडे, ममता आठवले, सोनू खडसे, अनीता खडसे, प्रभा इंगले, राजकन्या वानखडे, मंगला परते, सुनीता मोहोड, शिला वानखडे, सोनू वानखडे, सुमन वानखडे, अर्चना हिवसे, लता सोनटक्के, दुर्गा नव्हाले, बबीता नाईक, मंगेश वानखडे, किरण वानखडे समेत अनेक नागरिकों का सामवेश था.

 

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