वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार मिलिंद कीर्ति की दुर्घटना में मृत्यु
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद रामदासपेठ के अस्पताल में ली अंतिम सांस

* पत्रकारिता और साहित्य जगत में शोक
नागपुर/दि.14- प्रसिद्ध पत्रकार, साहित्यकार और संपादक मिलिंद कीर्ति (गायधने) का बुधवार तड़के निधन हो गया. 13 अक्टूबर को वाड़ी फ्लाईओवर पर हुए सड़क हादसे में उनके मस्तिष्क में गंभीर चोट आई थी. उन्हें उपचार के लिए नागपुर के रामदासपेठ स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालत गंभीर होने के कारण उन्होंने रात करीब 3 बजे अंतिम सांस ली. मिलिंद कीर्ति पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते थे. वे लोकमत और लोकशाही वार्ता से संपादक के रूप में जुड़े रहे. पत्रकारिता के माध्यम से उन्होंने सामाजिक, वैचारिक और समकालीन विषयों पर अपनी बात रखी. लेखन के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा.
* तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर किया लेखन
मिलिंद कीर्ति ने तकनीक, तकनीकी ज्ञान के बढ़ते प्रभाव और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर जैसे समकालीन विषयों पर कई चर्चित पुस्तकें लिखीं. उनकी रचनाओं में तकनीक की बढ़ती सत्ता, उसके सामाजिक प्रभाव और बदलते समय की चुनौतियों से जुड़े विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए. एक विचारशील पत्रकार और साहित्यकार के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी. उनके आकस्मिक निधन से पत्रकारिता और साहित्य जगत में शोक की लहर है. उनके परिचितों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है.
* आज शाम हुआ अंतिम संस्कार
मृतक मिलिंद कीर्ति के पार्थिव के अंतिम दर्शन सैकडों मित्रगणों ने नागपुर के पुराने ज्ञानेश्वर नगर, मानेवाड़ा रोड स्थित प्लॉट नंबर 103, गली नंबर 6 पर किए. उनकी अंत्येष्टि बुधवार 14 अक्टूबर को शाम 5 बजे मानेवाड़ा घाट पर शोकाकुल वातावरण में की गई. इस अवसर पर अनेकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.





