शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का 23 अक्टूबर को मतदान

जानें वोट डालने का सही तरीका

* पहली बार मतदान करने वाले शिक्षकों के लिए निर्वाचन विभाग की विशेष अपील
* मतपत्र पर पसंदीदा उम्मीदवार के सामने लिखना होगा प्राथमिकता क्रम
अमरावती/दि.14- महाराष्ट्र विधान परिषद के अमरावती विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए शुक्रवार 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा. भारत निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम के अनुसार होने वाले इस चुनाव में मतदान की प्रक्रिया अन्य सामान्य चुनावों से अलग है. इसमें ईवीएम के बजाय मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम के सामने अपनी पसंद के अनुसार प्राथमिकता क्रम अंकित करना होता है.
मतदान की इस विशेष पद्धति को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन निर्णय अधिकारी तथा विभागीय आयुक्त नयना गुंडे ने मतदाताओं, विशेषकर पहली बार मतदान करने वाले शिक्षकों से मतदान प्रक्रिया की जानकारी लेकर सही तरीके से अपने मताधिकार का उपयोग करने की अपील की है.
* ऐसे करें मतदान
मतदान के लिए निर्वाचन अधिकारी की ओर से मतपत्र के साथ उपलब्ध कराया गया बैंगनी (वायलेट) रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल करना अनिवार्य है. किसी अन्य पेन, पेंसिल, बॉलपॉइंट पेन या लेखन सामग्री का इस्तेमाल करने पर मतपत्र अवैध घोषित किया जा सकता है. मतदाता को जिस उम्मीदवार को पहली पसंद देनी है, उसके नाम के सामने प्राथमिकता क्रम वाले कॉलम में ‘1’ का अंक लिखना अनिवार्य है. यह अंक केवल एक ही उम्मीदवार के नाम के सामने लिखा जाना चाहिए. इसके बाद अन्य उम्मीदवारों के नाम के सामने अपनी पसंद के अनुसार ‘2’, ‘3’, ‘4’ आदि अंक लिखकर अगली प्राथमिकताएं दर्शाई जा सकती हैं. चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों को प्राथमिकता क्रम देना संभव है. हालांकि, पहली पसंद के रूप में ‘1’ अंकित करना अनिवार्य है, जबकि दूसरी और आगे की प्राथमिकताएं देना ऐच्छिक है.
* टिक या क्रॉस का निशान लगाने से बचें
मतपत्र पर प्राथमिकता दर्शाने के लिए उम्मीदवार के नाम के सामने सही का निशान (र) या क्रॉस (द) नहीं लगाना चाहिए. प्राथमिकता केवल अंकों में ही दर्शानी होगी. अंकों को शब्दों में, जैसे एक, दो या तीन लिखने के बजाय संख्यात्मक रूप में लिखना आवश्यक है. प्राथमिकता के अंक अंतरराष्ट्रीय रूप में 1, 2, 3, रोमन रूप में ख, खख, खखख, देवनागरी रूप में 1, 2, 3 अथवा संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्यता प्राप्त किसी भारतीय भाषा में प्रचलित अंकों के रूप में लिखे जा सकते हैं. मतदाता को मतपत्र पर अपना नाम, आद्याक्षर, हस्ताक्षर या कोई अन्य शब्द नहीं लिखना चाहिए. इसके अलावा अंगूठे का निशान भी नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करने पर मतपत्र अवैध घोषित हो सकता है.
* इन गलतियों से अवैध हो सकता है मतपत्र
– निर्वाचन विभाग के मुताबिक निम्नलिखित स्थितियों में मतपत्र अवैध घोषित किया जा सकता है.
– किसी भी उम्मीदवार के सामने पहली पसंद के रूप में ‘1’ अंक नहीं लिखा गया हो.
– एक से अधिक उम्मीदवारों के नाम के सामने ‘1’ अंक लिखा गया हो.
– ‘1’ का अंक इस तरह लिखा गया हो कि यह स्पष्ट न हो कि प्राथमिकता किस उम्मीदवार को दी गई है.
– एक ही उम्मीदवार के नाम के सामने ‘1’ के साथ ‘2’, ‘3’ या अन्य अंक भी लिखे गए हों.
– प्राथमिकता क्रम अंकों के बजाय शब्दों में लिखा गया हो.
– मतदाता की पहचान उजागर करने वाला कोई निशान, हस्ताक्षर या अन्य लेखन किया गया हो.
– निर्वाचन अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंगनी स्केच पेन के बजाय किसी अन्य साधन से प्राथमिकता के अंक लिखे गए हों.
* सावधानी से करें मतदान
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इस चुनाव में मतपत्र पर प्राथमिकता क्रम दर्ज करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है. इसलिए मतदाता मतदान के दौरान सभी नियमों का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि पहली पसंद के उम्मीदवार के सामने ‘1’ का अंक स्पष्ट रूप से लिखा गया है. निर्वाचन विभाग ने सभी पात्र मतदाताओं से मतदान प्रक्रिया को समझकर अपने मताधिकार का सही उपयोग करने की अपील की है.

Back to top button