‘देवाभाऊ’ की सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ा

भाजपा जिलाध्यक्ष व विधायक प्रताप अडसड का कथन

सवा करोड़ किसानों के लिए 6,000 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा
नुकसान के पंचनामे पूरे होने के बाद अतिरिक्त मदद मिलने की बात भी कही
अमरावती/दि. 15 – राज्य के संकटग्रस्त किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए सरकार ने सवा करोड़ किसानों के वास्ते 6,000 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की है. किसानों को दिवाली के त्योहार के दौरान आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है. ‘देवाभाऊ’ के नेतृत्व वाली सरकार किसानों के साथ हमेशा मजबूती से खड़ी रहेगी. यह प्रतिपादन भाजपा के जिलाध्यक्ष एवं विधायक प्रताप अडसड ने किया.
विधायक प्रताप अडसड के मुताबिक अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. ऐसी कठिन परिस्थितियों में किसानों को केवल सीमित सहायता देने के बजाय उन्हें संकट से उबरने के लिए आर्थिक आधार उपलब्ध कराने की भूमिका सरकार ने अपनाई है. दिवाली के अवसर पर किसान परिवारों को कुछ राहत मिल सके, इस उद्देश्य से छह हजार करोड़ रुपये की सहायता घोषित की गई है. विधायक अडसड ने विश्वास जताया कि यह राशि संकटग्रस्त किसानों के लिए राहतकारी साबित होगी.
विधायक अडसड ने कहा कि खेतों में हुए नुकसान के पंचनामे पूरे होने के बाद किसानों के लिए अतिरिक्त और पर्याप्त सहायता की घोषणा की जाएगी. नुकसान झेलने वाले किसानों को मदद उपलब्ध कराने के मामले में सरकार सकारात्मक है. किसानों को मौजूदा संकट से बाहर निकालने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार के निर्णय की आलोचना कर रहे विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए विधायक प्रताप अडसड ने कहा कि केवल आरोप लगाने के बजाय विपक्ष को यह भी बताना चाहिए कि उसने किसानों के लिए क्या किया है. उन्होंने विपक्ष से किसानों के हित में किए गए अपने कार्यों का हिसाब जनता के सामने रखने को कहा.
* आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को 2,000 रुपये की भाऊबीज भेंट
इस बीच, राज्य सरकार ने एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के अंतर्गत कार्यरत सभी आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को दिवाली मनाने के लिए दो हजार रुपये की भाऊबीज भेंट देने का निर्णय भी लिया है. इसपर विधायक अडसड ने कहा कि आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं बच्चों के पोषण, देखभाल तथा अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करती हैं. उनके योगदान का सम्मान करने वाला यह निर्णय राज्य की इन महिला कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है.

 

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