‘उमेद’ के ठेका कर्मियों ने निकाली निषेध रैली

कल से राज्यव्यापी और बेमुद्दत काम बंद

अमरावती/दि.15 – महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नती अभियान उमेद अंतर्गत कार्यरत ठेका अधिकारी और कर्मचारियों की प्रलंबित मांगों हेतु महाराष्ट्र राज्य महिला व कर्मचारी कल्याणकारी संगठन द्वारा आज निषेध रैली निकाली गई. उसी प्रकार कल 16 अक्तूबर से जिला परिषद में तीन हजार ठेका कर्मी मांगे पूरी होने तक अनिश्चितकालीन काम बंद आंदोलन करेंगे.
निषेध रैली में बडी संख्या में महिला-पुरुष कर्मचारी तख्तियां लेकर जोश से सहभागी हुए. उन्होंने विभिन्न मुद्दे और मांगे उपस्थित की. जिसमें अमरावती जिले के कुछ अधिकारियों पर पद के बेजा इस्तेमाल, केआरए हेतु दबाव और ठेका कर्मियों को मानसिक रुप से प्रताडित किए जाने का आरोप लगाया गया. उसी प्रकार 11 माह की अनुबंध पद्धति बंद करने की मांग ठेका कर्मियों ने की. उन्होंने बिहार और झारखंड समान कर्मचारियों को सेवा-सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग रखी. उनकी एक डिमांड प्रलंबित करार के नूतनीकरण एवं मानधन से जुडी है. कर्मियों ने आरोप लगाया कि, जानबुझकर कुछ कर्मचारियों को केवल 3 माह अथवा 6 माह की अवधि दी जाती है. इसे रद्द कर नियमित 11 माह के अनुबंध के संशोधित आदेश की डिमांड भी कर्मियों ने उठाई. महिला स्वयंसहायता समूह सक्षम करने और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक उन्नति के लिए उमेद अभियान के ठेका कर्मचारी महत्वपूर्ण योगदान करने का दावा उन्होंने किया. कर्मचारियों के न्याय हेतु राज्यव्यापी आंदोलन किए जाने की जानकारी दी गई.

 

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