अमरावती मार्केट कमेटी की याचिका खारिज, प्रशासक नियुक्ति का खतरा बढ़ा
44 लाख रुपये की कथित अनियमितताओं को लेकर डीडीआर ने जारी किया था नोटिस

* हाई कोर्ट में दी गई थी चुनौती
अमरावती/दि.15 – अमरावती कृषि उपज बाजार समिति में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रबंधन मंडल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. जिला उपनिबंधक की ओर से महाराष्ट्र कृषि उपज खरीद-बिक्री अधिनियम की धारा 45 (1) के तहत जारी नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. हालांकि, अब संबंधित याचिका खारिज हो गई है. ऐसे में बाजार समिति पर प्रशासक नियुक्त किए जाने का खतरा बढ़ गया है.
23 अप्रैल 2025 को जिला उपनिबंधक शंकर कुंभार ने अमरावती कृषि उपज बाजार समिति के अध्यक्ष सहित 17 संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. यह नोटिस बिजली टेंडर, सफाई ठेका और पुनर्नियुक्ति से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं को लेकर महाराष्ट्र कृषि उपज खरीद-बिक्री अधिनियम की धारा 45 (1) के तहत जारी किया गया था. नोटिस में बाजार समिति के कामकाज और विभिन्न मामलों में बरती गई प्रक्रियाओं को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था. बाजार समिति के प्रबंधन मंडल और संचालकों ने इस कार्रवाई को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. अब याचिका खारिज होने के बाद प्रबंधन मंडल की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है.
* 44 लाख रुपये की अनियमितताओं का आरोप
इस मामले में किसान संघर्ष समिति की ओर से बाजार समिति के प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी. समिति के अध्यक्ष प्रकाश साबले, सचिव शेखर औगड़, उपाध्यक्ष उमेश महिंगे और कोषाध्यक्ष राहुल तायडे ने कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत की थी. मामले की जांच अधिकारी सचिन पतंगे ने अपनी रिपोर्ट में ई-टेंडर प्रक्रिया और सफाई ठेके से संबंधित खर्चों में लगभग 44 लाख रुपये की अनियमितताएं होने की बात कही थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई थी.
* प्रशासक नियुक्ति को लेकर निगाहें टिकीं
याचिका खारिज होने के बाद अब बाजार समिति के प्रबंधन मंडल पर प्रशासक नियुक्त किए जाने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, मामले में न्यायालय के आदेश की विस्तृत जानकारी और उसके निर्देश सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी. बाजार समिति के मामले में अगला कदम क्या होगा, इस पर संबंधित आदेश और प्रशासनिक निर्णय का इंतजार है.





